
मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद
Shahi Eidgah Masjid: वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद मामले के बाद अब मथुरा की शाही ईदगाह परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं को पूजा करने की अनुमति देने के लिए मथुरा की एक अदालत में एक नई याचिका दायर की गई है। याचिककर्ता की ओर से दावा किया गया कि शाही ईदगाह उस स्थान पर बनाया गया है जहां पहले मंदिर हुआ करता था और वह खास स्थान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है। इस नई याचिका के साथ ही मथुरा शाही ईदगाह मामले में मथुरा के विभिन्न अदालतों में दर्ज याचिकाओं की संख्या 15 हो चुकी है। इस नई दर्ज याचिका में मांग किया गया है कि श्रीकृष्ण भक्तों को मस्जिद परिसर में पूजा अर्चना करने की अनुमति दी जाए। जिला सरकार के वकील संजय गौड़ ने बताया कि नया मुकद्दमा हाई कोर्ट के वकील हरि शंकर जैन ने दायर की है, जो याचिककर्ता है।
याचिककर्ता हरिशंकर जैन का बयान
शाही ईदगाह परिसर में पूजा अर्चना की अनुमति वाली याचिका पर आज सुनवाई होनी है। जिला सरकार के वकील संजय गौड़ ने बताया कि याचिककर्ता ने शाही ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव, यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास मथुरा के प्रबंध न्यासी व श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्था मथुरा के सचिव को इसमें प्रतिवादी बनाया है। याचिककर्ता वकील हरिशंकर जैन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इस याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि शाही ईदगाह परिसर में कथित श्रीकृष्ण जन्मस्थली पर श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना करने की अनुमति दी जाए। साथ ही, ईदगाह न्यास परिसर में बनाए गए ढांचे को भी हटा दिया जाए।
कंस कारगर है उस ढांचे के नीचे
बता दें कि हिन्दू पक्ष का दावा है कि जिस जमीन पर ईदगाह है वहां पहले कभी केशवराय मंदिर हुआ करता था। और जिस जगह पर मस्जिद परिसर में ढांचा है वहां भगवान विष्णु के 8वें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। श्रीकृष्ण का जन्मस्थान कंस कारागार उसी ढांचे के नीचे है। ऐसा मानना है कि मुगल शासक औरंगजेब आलमगीर ने 1669 में मंदिर को तोड़कर वहां ईदगाह का निर्माण कराया था।
Published on:
25 May 2023 11:25 am
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