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मथुरा। जिले के चुरमुरा गांव में स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने अवैध घोषित कर दिया है। इस हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र का संचालन गैरसरकारी संगठन वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा किया जाता है। वाइल्ड लाइफ एसओएस देश के कई राज्यों में एशियाई हाथियों के संरक्षण एवं देखभाल केंद्रों का संचालन कर रहा है। हालांकि इस मामले में वन विभाग और हाथी संरक्षण केंद्र प्रशासन ने किसी भी जानकारी से इंकार किया है।
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इस संबंध में वाइल्ड लाइफ एसओएस सहित संबंधित विभागों को भी नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक को जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने को कहा है। बता दें कि मथुरा का हाथी संरक्षण केंद्र वर्ष 2010 से मथुरा में चल रहा है।
इस शिकायत पर दिया गया नोटिस
दरअसल वन्यजीव प्रेमी गौरी मुलेखी व हरियाणा के वन्यजीव स्काउट एवं गाइड कमिश्नर नरेश कादयान ने इस मामले में शिकायत कर एनजीओ पर विदेशी मुद्रा अधिनियम 2010 के तहत कई प्रकार की अनियमितताओं के प्रमाण देते हुए शिकायत की थी। शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किया गया है। हालांकि इससे वाइल्ड लाइफ एसओएस के स्थानीय प्रतिनिधि ने अनभिज्ञता जाहिर की है। बता दें कि वाइल्ड लाइफ एसओएस का सेंटर आगरा के कीठम में भी है। यह बीयर रेस्क्यू सेंटर के नाम से चल रहा है। इसमें लगभग 200 भालू हैं। इसे हाथी केंद्र से पहले खोला गया था। कलंदरों से छुड़ाए गए भालुओं को यहां रखा जाता है।
Updated on:
27 Dec 2018 12:00 pm
Published on:
27 Dec 2018 11:57 am
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