19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इलाज के लिए रांची से मथुरा लाया गया 19 वर्षीय हाथी

मथुरा में है देश का पहला हाथी अस्पताल। गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित है हाथी।

2 min read
Google source verification
Elephant

Elephant

मथुरा। गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित 19 वर्षीय रामू नामक हाथी को विशेष चिकित्सा उपचार के लिए हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र (ईसीसीसी) में स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस के हाथी अस्पताल लाया गया है। बीमार हाथी को यहां चिकित्सा प्रक्रियाओं में लेजर थेरेपी, हाइड्रोथेरेपी उपचार, डिजिटल रेडियोलॉजी, थर्मल इमेजिंग जैसी सुविधायें मिलेंगी। साथ ही साथ चार पशु चिकित्सकों और हाथी की देखभाल के लिए एक्सपर्ट टीम उसका ध्यान भी रखेगी।

नवंबर 2018 में बना था पहला हाथी अस्पताल
हाथियों के लिए विशेष चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए मथुरा में वाइल्डलाइफ एसओएस ने यूपी वन विभाग के समर्थन से नवंबर 2018 में देश के पहले हाथी अस्पताल की स्थापना की थी। यह विशेष अस्पताल हाथी के उपचार और चिकित्सा देखभाल के लिए एक अहम आवश्यकता को पूरा करता है। झारखंड वन विभाग ने रांची में रहने वाले हाथी रामू की लगातार गिरते स्वास्थ्य के बारे में वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क किया। इसके बाद बीमार हाथी को तत्काल चिकित्सा देखभाल के लिए मथुरा के हाथी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। प्रारंभिक चिकित्सा परीक्षण से पता चला है कि हाथी गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित है, जिसकी वजह से उसे असहनीय दर्द और सूजन हो रही है।

यह भी पढ़ें: राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने महिला ने दी आत्मदाह की धमकी

रामू की जांच करने रांची पहुंची थी चिकित्सा टीम
उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन ने हाथी को रांची से मथुरा के हाथी अस्पताल में लाने की लिखित अनुमति जारी की। इसके बाद वाइल्डलाइफ एसओएस से हाथी की देखभाल के लिए एक्सपर्ट टीम चिकित्सा देखभाल को सुविधाजनक बनाने में मदद करने के लिए रामू के साथ दोस्ती और विश्वास का बंधन बनाने के लिए रांची पहुंची। बाद में पशुचिकित्सा दल को चिकित्सा उपकरण के साथ भेजा गया ताकि रामू को तत्काल राहत प्रदान की जा सके। साथ ही यह आकलन किया जा सके कि क्या वो मथुरा के हाथी अस्पताल तक आने में सक्षम है या नहीं। वेटरनरी डॉक्टर्स से अनुमति प्राप्त होने के बाद, वाइल्डलाइफ एसओएस ने अपनी विशेष हाथी एम्बुलेंस को रांची भेजा, साथ ही एनजीओ से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और हाथी देखभाल की एक टीम भी आई। रामू संभवतः बचपन में अपने झुंड से अलग हो गया था और रांची के बाहरी इलाके में झारखंड वन विभाग द्वारा बचाया गया था।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है अस्पताल
स्थापना के बाद से भारत के पहले एलीफेंट हॉस्पिटल ने देश भर में घायल और बीमार हाथियों का इलाज किया है। अस्पताल में वायरलेस डिजिटल एक्स-रे, लेजर, डेंटल एक्स-रे, थर्मल इमेजिंग, अल्ट्रासोनोग्राफी, हाइड्रोथेरेपी जैसे उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं हैं। वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण परियोजना के निर्देशक, बैजूराज एम.वी का कहना है कि हमारी अनुभवी डॉक्टर्स और देखभाल कर्मचारियों की समर्पित टीम रामू की चिकित्सा प्रगति की बारीकी से निगरानी कर रही है।