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‘फरसा वाले बाबा’ की हत्या पर एक्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ, किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे हमलावर

मथुरा में ईद के दिन ‘फरसा वाले बाबा’ की हत्या से इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया। पुलिस पर पथराव और प्रदर्शन के बाद लाठीचार्ज हुआ।

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मथुरा

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Anuj Singh

Mar 21, 2026

'फरसा वाले बाबा' की हत्या

'फरसा वाले बाबा' की हत्या

Mathura News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के प्रसिद्ध गौरक्षक 'फरसा वाले बाबा' की हत्या पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। सीएम ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना ब्रज क्षेत्र में गौ-सेवा करने वाले संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत से जुड़ी है, जिसने पूरे इलाके में गुस्सा फैला दिया है।

कैसे हुई 'फरसा वाले बाबा' की हत्या?

मथुरा के थाना कोसीकलां क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास दिल्ली-आगरा हाईवे पर यह दर्दनाक घटना हुई। शनिवार तड़के सुबह करीब 4 बजे 'फरसा वाले बाबा' गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। वे बाइक पर थे और गायों से भरे एक ट्रक या कंटेनर का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि तस्करों ने जानबूझकर गाड़ी तेज करके बाबा को कुचल दिया। इस क्रूर हमले में बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तीन हत्यारे फरार हो गए, जबकि एक मुस्लिम युवक को मौके से पकड़ लिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

गौरक्षकों का रोष और हाईवे जाम

बाबा की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों गौरक्षक और स्थानीय लोग एकत्र हो गए। उन्होंने दिल्ली-आगरा हाईवे पर सड़क जाम कर दी, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोग बहुत गुस्से में थे। उनका कहना था कि हमारे महाराज को गौ-तस्करों ने मार डाला। एक व्यक्ति ने कहा कि मैं चाहता हूं कि जिन लोगों ने बाबा का मर्डर किया, उन्हें वहीं गोली मार दी जाए। पूरा ब्रज क्षेत्र शोक में डूब गया है। बाबा को उनके फरसे (कुल्हाड़ी) के कारण 'फरसा वाले बाबा' कहा जाता था और वे गौ-रक्षा के लिए बहुत प्रसिद्ध थे।

पथराव और पुलिस कार्रवाई

गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस की 5-6 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए और तोड़फोड़ की गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव से कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और इलाके में भगदड़ मच गई। कुछ जगहों पर पुलिस को गोली भी चलानी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियां क्षतिग्रस्त कीं। पुलिस अब स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। यह घटना ईद के दिन हुई, जिससे तनाव और बढ़ गया। पुलिस जांच कर रही है कि यह हत्या थी या हादसा। गौरक्षकों का कहना है कि यह सोची-समझी साजिश है। पूरी घटना से मथुरा में भारी तनाव है और प्रशासन सतर्क है।