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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गिरिराज जी के दर्शन कर शुरू की सप्तकोसी यात्रा, पौधारोपण कर दिया बड़ा संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 मार्च 2026 को मथुरा के गिरिराज गोवर्धन जी के दर्शन किए और दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने गोल्फ कार्ट से गोवर्धन परिक्रमा पूरी की।

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मथुरा

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Anuj Singh

Mar 21, 2026

President Droupadi Murmu

President Droupadi Murmu (Patrika Photo)

President Droupadi Murmu News: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 21 मार्च 2026 को मथुरा के गोवर्धन पहुंचीं। उन्होंने वहां के प्रसिद्ध गिरिराज गोवर्धन जी के दर्शन किए। राष्ट्रपति ने श्रद्धालुओं के बीच जाकर मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने भगवान गिरिराज के प्रति अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की। दानघाटी मंदिर में उन्होंने पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं। यह दौरा उनके तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश भ्रमण का हिस्सा था।

गिरिराज गोवर्धन परिक्रमा की शुरुआत

दर्शन के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने गोवर्धन की पवित्र परिक्रमा शुरू की। यह परिक्रमा सप्तकोसीय (लगभग 21 किलोमीटर) है। हजारों श्रद्धालु रोजाना इस परिक्रमा को करते हैं, जो ब्रज क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। राष्ट्रपति ने गोल्फ कार्ट या अन्य साधन से इस परिक्रमा को पूरा किया। यह उनके लिए एक धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने भगवान कृष्ण और गिरिराज महाराज की लीला को याद किया।

स्थानीय लोगों में उत्साह

राष्ट्रपति के आगमन से गोवर्धन और आसपास के इलाकों में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई। तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा इलाका फूलों की घाटी जैसा लग रहा था। लोग कह रहे थे कि राष्ट्रपति का यह दौरा ब्रज की धार्मिक परंपराओं को सम्मान देने वाला है। यह पहली बार है जब कोई राष्ट्रपति गोवर्धन परिक्रमा कर रही हैं, जिससे यह ऐतिहासिक क्षण बन गया।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं का ध्यान

प्रशासन ने राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए थे। परिक्रमा मार्ग को तीन जोन और छह सेक्टर में बांटा गया था। पुलिस बल की भरपूर तैनाती की गई। नो फ्लाइंग जोन लागू किया गया। सड़कों की सफाई, बिजली और अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी गईं। अधिकारी बताते हैं कि राष्ट्रपति और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया ताकि सभी शांति से धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा ले सकें।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश

गोवर्धन पर्वत की तलहटी में राष्ट्रपति ने पौधारोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। राष्ट्रपति का यह कदम प्रकृति और धार्मिक आस्था को जोड़ने वाला था। गोवर्धन की पवित्र भूमि पर उनका दौरा ब्रज संस्कृति को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।
राष्ट्रपति के इस दौरे से ब्रज क्षेत्र में नई ऊर्जा आई है। लोग इसे भक्ति और सेवा का प्रतीक मान रहे हैं।