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Ganesh Chaturthi 2019: इको-फ्रेंडली गणपति बप्पा, मूर्तियां इस तरह हो रहीं तैयार

गणेश चतुर्थी से पूर्व शहर में बप्पा की छोटी से लेकर बड़ी मूर्तियां कारीगर तैयार कर रहे हैं।

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Ganesh Chaturthi 2019: इको-फ्रेंडली गणपति बप्पा, मूर्तियां इस तरह हो रहीं तैयार

Ganesh Chaturthi 2019: इको-फ्रेंडली गणपति बप्पा, मूर्तियां इस तरह हो रहीं तैयार

मथुरा। गणेश चतुर्थी से पूर्व शहर में बप्पा की छोटी से लेकर बड़ी मूर्तियां कारीगर तैयार कर रहे हैं। ग्राहकों की डिमांड पर गणपति बप्पा की मूर्तियों को इको फ्रेंडली कलर से तैयार किया जा रहा है, ताकि विसर्जन के समय कलर पानी में घुल जाए। 50 रुपये से लेकर 51 हजार तक की गणेश प्रतिमा तैयार की जा रही हैं और ग्राहक बप्पा की प्रतिमाओं को खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंच रहे हैं।

सज गए बाजार
देशभर में गणेश चतुर्थी का त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यही कारण है गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी दोगुनी बढ़ जाती है। जिले में गणेश प्रतिमाओं को तैयार किया जा रहा है और ग्राहकों की डिमांड पर बड़ी संख्या में गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। वहीं होली गेट के समय अम्मा खार प्रसिद्ध मूर्तिकार के यहां भी गणपति बप्पा की मूर्तियां बड़ी संख्या में तैयार की जा रही हैं। छोटी से लेकर बड़ी मूर्तियां यह कारीगर तैयार कर रहे हैं और बड़े उत्साह के साथ मूर्तियों को खरीदने के लिए ग्राहक उनकी दुकान पर पहुंच रहे हैं। 1 फीट से लेकर 20 फीट तक की मूर्तियां मूर्ति कारीगर तैयार कर रहे हैं जिस तरह की डिमांड उन्हें मिल रही है, उसी हिसाब से यह कारीगर अपने काम में जुटे हुए हैं।

मूर्ति के हिसाब से लगते हैं दिन
जब कारीगरों से मूर्ति बनाने को लेकर बात की तो कारीगरों का कहना है जैसे मूर्ति होती है वैसे ही दिन लगते हैं। छोटी मूर्ति कम समय लेती है और अगर 10 फीट से ऊपर की मूर्ति बनाई जाए, तो वह करीब 2 हफ्ते ले लेती है।


इको फ्रेंडली लगाए जा रहे कलर
मूर्ति कारीगर रामकिशोर से जब बात की तो उन्होंने बताया इस बार जो मूर्ति हम बना रहे हैं बेहद खास हैं। इस बार जो कलर हम यूज कर रहे हैं वह इको फ्रेंडली कलर हैं। विसर्जन करते ही यह कलर पानी में घुल जाता है।