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मथुरा। द्वापर युग में अवतार लेकर गायों की रक्षा करने वाले भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में आज गाएं केवल यही कहती होंगी 'आजा कलयुग में लेके अवतार ओ गोविंद...' क्योंकि कलयुग में गायों की दुर्दशा हो रही है। भले ही तमाम गौशाला खोली गईं लेकिन गायों को उनकी हक आज भी नहीं मिल सका है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को 'गोपाष्टमी' पर मथुरा नगरी में देखने को मिला। जहां कुछ गायों की पूजा हो रही थी तो कुछ गाय नगर निगम के डस्टबिन में चारा खोज रहीं थीं।
गोपाष्टमी की मची है धूम
देश के साथ-साथ कान्हा की नगरी में गोपाष्टमी के इस पर्व को बड़े हर्ष उल्लास के साथ मना रहे हैं लेकिन कान्हा की प्यारी गाय आज भी दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। अपना पेट भरने के लिए गाय कहीं कचरे में चारा खोजती नजर आईं तो कहीं लाठियां उन्हें खाने को मिली। सच्चाई किसी से छुपी नहीं है और यह हकीकत है कि गायों को अधिकतर लोगों ने अपनी आय का साधन बना लिया है।
हर व्यक्ति करे गाय पालन
स्थानीय नागरिक मोहन श्याम शर्मा बताते हैं कि हम एक तरफ तो गायों को पूछ रहे हैं और दूसरी तरफ यह गाय अपना पेट भरने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। 1 दिन गायों को पूजने से कुछ नहीं होगा अगर हम यह ठान लें कि गाय को बेसहारा नहीं होने देना है और प्रत्येक व्यक्ति अपने घर में एक गाय पाले तो गाय सड़कों पर बेसहारा नहीं घूमेंगी। हमारा गोपाष्टमी का व्रत तभी सफल होगा जब हम गायों को पूरी तरह से अपनी जिंदगी में अपना लेंगे। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जो गोपालक हैं वह अपनी गायों को केवल दूध मात्र निकालने के लिए ही अपने पास ना रखें जैसे वह दूध पीते हैं वैसे ही हर वक्त उनका ख्याल रखें।
ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र में बदहाल गाय
वहीं सूबे के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने गोपाष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि आज भगवान श्री कृष्ण गवारिया के रूप में गायों को चराते हैं। आज गौ पूजन का विशेष महत्व है आज हम सौभाग्यशाली हैं भगवान कृष्ण की नगरी और भगवान श्री कृष्ण के जन्म स्थान में इस पर्व को मना रहे हैं। भगवान कृष्ण का सभी को आशीर्वाद मिले और सुख समृद्धि बड़े। शहरवासियों का कहना है कि ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र में ही गायों की बदहाल स्थिति है।
Published on:
22 Nov 2020 01:06 pm
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