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Video द्वारिकाधीश मंदिर में देखिए अनोखी गोवर्धन पूजा, यहां मिलता है गोबर का प्रसाद

देशभर में गोवर्धन पूजा शाम को की जाती है, मगर मथुरा के द्वारिकाधीश भगवान् के मंदिर में सुबह होती है।

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Bhanu Pratap Singh

Oct 31, 2016

goverdhan puja

goverdhan puja

मथुरा। देशभर में गोवर्धन पूजा शाम को की जाती है, मगर मथुरा के द्वारिकाधीश भगवान् के मंदिर में सुबह होती है। इसका कारम यह है कि यहां सभी पर्व पुष्टीय मार्ग सम्प्रदाय में नक्षत्र के अनुसार मनाये जाते हैं।


पालने में बैठकर देते हैं दर्शन
ब्रज मंडल के प्रसिद्ध मंदिर द्वारिकाधीश में गोवर्धन महाराज गाय के गोबर से बनाये जाते हैं। गोबर से बने गोवर्धन के दर्शन करने के लिए आज के दिन सुबह से ही मंदिर से बाहर आते हैं। भगवान् द्वारिकाधीश के पालने में बिठाकर गोवर्धन महाराज के दर्शन कराये जाते हैं। गोवर्धन की पूजा करने के लिए देशभर से हजारों भक्त मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में आते हैं। गोवर्धन की पूजा कर मनचाहा वरदान पाते हैं।


पंचामृत से अभिषेक
द्वापर युग में आज के ही दिन देवताओं के राजा इन्द्र के प्रकोप से कृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की जान बचाई थी। तभी से यह परंपरा आज तक चली आ रही है। गोवर्धन महाराज की पूजा मंदिर के पुजारियों द्वारा ढोल नगाड़ों बीच मंदिर में बने गोवर्धन महाराज का पहले पंचामृत से अभिषेक से होती है।

गाय की महत्ता
उसके बाद विधिविधान से गाय के दूध से नहलाया जाता है। फिर आरती की जाती है। फिर सभी गोवर्धन महाराज की जय जय कार करते हुए इनकी परिक्रमा करते हैं। यहाँ पर एक गाय को भी लाया जाता है, जिसके द्वारा गोबर में पैर लगाया जाता है। प्रसाद वितरण होत है। सभी भक्त गोवर्धन की पूजा करने के बाद यहाँ से गोबर का प्रसाद भी लेकर जाते हैं। इसके लिए कभी-कभी तो भक्तों को जोर भी आजमाना पड़ता है।

शाम को अन्नकूट
पूजा के बाद शाम को फिर सभी भक्त गोवर्धन महाराज को अन्नकूट का भोग भी लगाते है। इससे गोवर्धन महाराज की कृपा भक्तों पर बरसती है। द्वारिका धीश मंदिर मथुरा के प्रचार मंत्री राकेश तिवारी ने बताया कि गोवर्धन पूजा देखना भी पुण्य है।

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