
PFI के सदस्यों की बेल अर्जी पर सुनवाई कल, न्यायालय में पेश किए जाएंगे सबूत
मथुरा. हाथरस के दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी के मामले की आड़ में हिंसा फैलाने की फिराक में हाथरस जा रहे चार पीएफआई आई के सदस्यों को टोल प्लाजा से गिरफ्तार कर लिया गया था। इन चारों के पास से आपत्तिजनक साहित्य और कई मोबाइल और लैपटॉप बरामद हुए थे, जिससे यह साफ जाहिर होता था कि यह लोग फिजा को बिगाड़ने की फिराक में थे। पुलिस के द्वारा संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर इन्हें अस्थाई जेल में रखा गया और एसटीएफ को रिमाइंड आर्डर न मिलने के वजह से कोर्ट 5 नवम्बर को इन चारों की बेल अर्जी पर सुनवाई करेगा।
थाना मांट क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेसवे स्थित टोल प्लाजा से चेकिंग के दौरान पीएफआई के 4 सदस्यों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए चारों अभियुक्तों के पास से हिंसा फैलाने की सामग्री के साथ-साथ लैपटॉप और कई मोबाइल पुलिस ने बरामद किए थे। वहीं इन सभी के पी एफ आई से संबंध होने की बात सामने आने के बाद भी स्पेशल टास्क फोर्स इनकी हिस्ट्री निकालने में जुट गई। स्पेशल टास्क फोर्स को कई अहम सुराग मिले जिससे यह साबित हुआ अतीकुर्रहमान निवासी मुजफ्फरनगर, सिद्दीक निवासी केरल, आलम निवासी रामपुर, और मसूद अहमद निवासी बहराइच का पीएफआई और सीएफआई के सक्रिय सदस्य हैं और यह लोग हाथरस वहां की फिजा में जहर घोलने के लिए जा रहे थे।
इन चारों पर देशद्रोह मुकदमे के साथ-साथ कई अन्य मुकदमे विभिन्न धाराओं में लगाए गए। विगत माह पूर्व इन चारों से प्रवर्तन निदेशालय की 12 सदस्य टीम ने भी कई घंटे पूछताछ की और इन चारों से प्रवर्तन निदेशालय की टीम को कुछ अहम सुराग भी हाथ लगे थे।
न्यायालय में पेश किए जाएंगे सबूत
मामले की विवेचना कर रही स्पेशल टास्क फोर्स के द्वारा चारों को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला न्यायालय में पेश किया गया और एसटीएफ के रिमाइंड ऑर्डर न मिलने के कारण 5 नवंबर को बेल अर्जी पर जिला जज साधना रानी ठाकुर सुनवाई करेंगी। एसटीएफ के द्वारा चारों के खिलाफ जो सबूत इकट्ठे किए गए हैं वह कल न्यायालय में पेश किए जाएंगे उसके बाद जिला जज का फैसला बेल अर्जी को खारिज करता है या एक्सेप्ट करता है यह कल ही मामले की सुनवाई के बाद क्लियर हो पाएगा।
Updated on:
04 Nov 2020 02:26 pm
Published on:
04 Nov 2020 02:26 pm
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