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एचआईवी पॉजिटिव को जिला अस्पताल से भगाया, नहीं मिला इलाज

मरीज के परिजनों का आरोप है कि एमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने एचआईवी मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था नहीं होने का हवाला दे दिया।

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मथुरा

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Amit Sharma

Jan 04, 2019

HIV

एचआईवी पॉजिटिव को जिला अस्पताल से भगाया, नहीं मिला इलाज

मथुरा। एचआईवी पॉजिटिव की रिपोर्ट मिलने के बाद चैरिटेबल अस्पताल ने मरीज की छुट्टी कर दी वहीं मरीज के परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां भी मरीज को एडमिट करने के एवज में रुपयों की मांग की गई। जब मरीज के परिजनों ने सुविधा शुल्क देने में असमर्थता जाहिर की तो बता दिया कि यहां एचआईवी मरीज का इलाज नहीं होता। न ही मरीज को भर्ती करने की व्यवस्था है। थक हार कर मरीज की गंभीर हालत को देख परिजन उसे इलाज के लिए आगरा ले गए वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अफसर अपनी-अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं।

ये है मामला

बता दें कि तहसील छाता क्षेत्र के गांव पसौली निवासी 14 वर्षीय किशोर की तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने इलाज के लिए उसे वृन्दावन स्थित रामकिशन मिशन चैरिटेबल अस्पताल में भर्ती कराया जहां मरीज की खून की जांच में पता चला कि किशोर एचआईवी पॉजिटिव है। जानकारी होने पर अस्पताल ने किशोर को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए बोला और छुट्टी कर दी। गंभीर रूप से बीमार किशोर को इलाज के लिए परिजन जिला अस्पताल गए। मरीज के परिजनों का आरोप है कि एमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने रिपोर्ट देखने के बाद भर्ती करने के लिए पांच हज़ार रुपये की मांग की लेकिन परिजनों ने रुपये देने में असमर्थता जाहिर की तो मौजूद अस्पताल स्टाफ ने एचआईवी मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था नहीं होने का हवाला दे दिया। बाद में थक हारकर मरीज को इलाज के लिए परिजन आगरा के लिए निकल गए। वहीं इस मामले को लेकर जब जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एचआईवी मरीज को भर्ती करने और इलाज की कोई व्यवस्था जिला अस्पताल में नहीं है।

ये बोले सीएमओ

वहीं जब सीएमओ डॉ. शेर सिंह से इस मामले में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में सीएमएस ही बताएंगे और अपना पल्ला झाड़ लिया। एचआईवी मरीज को भर्ती करने की व्यवस्था को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएमओ बोले कि सीएमएस से ही पूछो की उन्होंने अस्पताल में क्या व्यवस्थाएं कर रखी हैं। जिला अस्पताल, संयुक्त जिला चिकित्सालय और जिला महिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था या मरीजों की समस्या से संबंधित किसी भी मामले को लेकर जब भी सीएमओ डॉ. शेर सिंह से बात की जाती है तो वे इन अस्पताल के कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं करने का हवाला देते हुए अपनी असमर्थता जाहिर कर देते हैं।