
Holika Dahan
मथुरा। होली पर मथुरा के गांव फालैन निभार्इ जा रही ये परंपरा बेहद खतरनाक है। यहां 30 फीट चौड़ी धधकती होली की आग में बाबूलाल पंडा निकला। बावजूद इसके बाबूलाल को कुछ नहीं हुआ। इस परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। इसके लिए गांव के प्रह्लाद मंदिर के बाहर 30 फीट चौड़ी अग्नि सजार्इ गर्इ। जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आए।
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होता है पूजन
बाबूलाल मंदिर में प्रहलाद का पूजन करते रहे। इसी दौरान वे मन में लगातार प्रहलाद का नाम जप रहे थे। सुबह साढ़े चार बजे वे मंदिर से निकले आैर होलिका का पूजन किया। फिर ग्रामीणों ने होलिका में आग लगा दी। आग के कारण ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगी। बाबूलाल की बहन उन्हें प्रहलाद कुंड तक ले गर्इं। जहां पर डुबकी लगाने के बाद वे हाेलिका में कूद गए। होलिका से निकलने के बाद उन्होंने हाेलिका की परिक्रमा की आैर फिर घर चले गए। बाबूलाल का कहना है कि उन्हें कोर्इ नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जब वे मंदिर में भगवान भक्त प्रहलाद के जप में लीन थे तभी प्रहलाद उन पर आ गए आैर वे कुंड में डुबकी लगाकर आग में कूद गए।
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आग से बाल भी बांका नहीं होता
पौराणिक मान्यताओं के आधार पर फालैन को विष्णुभक्त प्रहलाद का गांव माना जाता है। ऐसी धारणा है कि प्रहलाद का गांव होने की वजह से ही फालैन के ब्राह्मण समाज का पण्डा उन्हीं के समान होलिका की अग्नि में से निकलने का चमत्कार कर पाता हैं और उसका बाल भी बांका नहीं होता।
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Updated on:
02 Mar 2018 09:59 am
Published on:
02 Mar 2018 09:58 am
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