
shaheed
मथुरा। जम्मू एवं कश्मीर के बड़गांव में विमान हादसे में शहीद हुए पंकज नौहवार का पार्थिव शरीर आगरा होते हुए मथुरा पहुंचा। पार्थिव शरीर सेना अस्पताल में रखा गया है। अंतिम संस्कार एक मार्च, 2019 को प्रातः 10.30 बजे पैतृक गांव जरेलिया (नौहझील, मथुरा) में होगा। शहीद के परिजनों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। उधर, शहीद के घर सैकड़ों लोग पहुंचे। हर किसी के दिल में गम और गुस्सा है। नौहझील में बाजार बंद कर लोगों ने शहादत को सलाम के साथ आक्रोश प्रकट किया। इस दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
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शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि शहीद पंकज का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। शहीद परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। गांव के प्राथमिक विद्यालय का नाम शहीद पंकज के नाम पर होगा। परिजनों के नाम ग्राम समाज की जमीन का पट्टा भी सरकार करेगी। गाँव जरेलिया का संपूर्ण विकास शहीद पंकज के नाम से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। संकट की घड़ी में सरकार पंकज के परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को समाप्त करने के लिए पूरा विश्व भारत के साथ है।
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खेरिया हवाई अड्डे पर दी श्रद्धांजलि
आगरा। जम्मू कश्मीर में हुए वायुसेना का विमान क्रैश हुआ था, जिसमें मथुरा ने लाल ने अपनी शहादत दी। ये विमान वायुसेना के विमानों की सुरक्षा में लगा था। गुरुवार दोपहर जब शहीद पंकज नौहवार का पार्थिव शरीर खेरिया हवाई अड्डा पर आया तो शहीद के सम्मान में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सहित आगरा के तमाम पुलिस प्रशासनिक अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। खेरिया हवाई अड्डे पर विशेष विमान से उनका शव लाया गया।
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एयरफोर्स स्टेशन श्रीनगर में तैनात थे
गौरतलब है कि मथुरा के बालाजीपुरम में रहने वाले रिटायर सूबेदार मेजर नौबत सिंह के पुत्र पंकज 2012 में वायु सेना में एयरमैन तकनीकी के पद पर भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में पंकज की तैनाती एयरफोर्स स्टेशन श्रीनगर में थी। बड़गांव के निकट उनका विमान हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे की खबर मिलने के बाद पंकज के घर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
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छुट्टी से लौटे थे
पंकज नौहवार की 26 फरवरी को मां रेखा नौहवार और भाई अजय से बात हुई थी। जम्मू-कश्मीर के बड़गाम में पंकज ने चॉपर से एक स्पेशल ऑपरेशन के लिए उड़ान भरी थी। अचानक चॉपर गिर गया। इसमें वो शहीद हो गए। पंकज 24 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। वे मूल रूप से नौहझील बाजना के जरेलिया गांव के रहने वाले थे।
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Updated on:
01 Mar 2019 07:37 am
Published on:
28 Feb 2019 09:23 pm
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