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जाट का बेटा हूं, दुश्मन का सीना छलनी न कर दूं तो कहना…

-चौधरी लक्ष्मीनरायण एयरपोर्ट पहुंचे शहीद का पार्थिव शरीर लेने-राजकीय सम्मान के साथ दी गई रामवीर को अंतिम विदाई

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मथुरा। जाट का बेटा हूं, दुश्मन का सीना छलनी न कर दूं तो कहना..कोसीकलां के गांव हुलवाना के रहने वाले शहीद रामवीर की ये बातें सब को रूला रही थीं। दुश्मन से लोहा लेने की हसरत रामवीर के सीने में कुलाचें मारती थी। वह अक्सर इस तरह की बातें अपने दोस्तों से करते थे। आज इन्हीं बातों को याद कर शहीद रामवीर के दोस्तों की आखें बार-बार नम हो रही थी। गांव में कोहराम था, सेना की टुकड़ी उनका पार्थिव शरीर लेकर करीब एक बजे आगरा एयरपोर्ट पहुंची। अपने जिले के इस लाल को राजकीय सम्मान के साथ लाने के लिए योगी सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण एयरपोर्ट पहुंचे शहीद रामवीर सिंह को करीब तीन बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

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हाथों में तिरंगा लिए खड़े रहे लोग
शनिवार सुबह से शहीद जवान के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव हुलवाना में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कोसीकलां से गांव हुलवाना तक भारत माता की जय के नारे गूंज रहे थे। एनएच टू पर बडी संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। इन सभी में पाकिस्तान के प्रति उबाल था, वहीं देश की खातिर शहीद हुए रामवीर बेनीवाल पर गर्व भी था। कोसीकलां के हाईवे से लेकर बालाजीपुरम तक हाथों में तिरंगा लिए लोग खड़े रहे। जैसे ही सेना की टुकडी शहीद का शव लेकर पहुंची, माहौल देशभक्ति से लबरेज हो गया। रामवीर सिंह की शादी वर्ष 2012 में छाता निवासी नीतू के साथ हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा तीन साल का शिवा है और छह माह का आदित्य है।

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हम जानते हैं अपने सपूतों की षहादत को सलाम करना
बृज की माटी अपने सपूतों की षहादत को सलाम करना जानती है। यह एक बार फिर साबित किया उस जोश और जनसैलाब ने जो शहीद रामवीर की अंतिम यात्रा का साक्षी बना। युवाओं ने हाथों में तरंगा थामा हुआ था। जुबान पर भारत माता की जय के नारे और आंखों में पाकिस्तान से बदला लेने के लिए खून उतर आया था। इस मंजर को जिसने भी देखा एक बारगी उसके रोंगटे खडे हो गये। ब्रज की माटी अपने सपूतों का सम्मान किस तरह करती है यह सेना की उस टुकड़ी ने भी देखा जो शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर पहुंची थी।

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