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Krishna Janmashtami 2018 : इस बार मथुरा जन्मभूमि में खास तरह से मनायी जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

Krishna Janmashtami 2018 पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को एक विशेष मैसेज भी दिया जाएगा।
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मथुरा

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suchita mishra

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Updated: 24 Aug 2018, 6:46 PM IST

janmbhoomi

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि में हर साल Krishna Janmashtami पर भव्य आयोजन किया जाता है। ऐसे में देश विदेश से लाखों की संख्या में भक्त यहां आते हैं। इस बार जन्माष्टमी तीन सितंबर को मनाई जाएगी। जन्माष्टमी के इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर देश-विदेश से आने वाले भक्तों को वृक्ष लगाएं, जीवन बचाएं और पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं का संदेश दिया जाएगा। बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए प्रकृति के प्रति लोगों को सजग करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसके लिए श्रीकृष्ण जन्मभूमि में मंदिर के अलावा मंदिर परिसर में हर ओर लोगों को जागरुक करने के लिहाज से बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवाए जायेंगे। जन्माष्टमी को लेकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर की साज-सज्जा का काम शुरू हो चुका है।

सुवर्ण आभा बंगले में विराजमाल होकर दर्शन देंगे कन्हैया
कृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान Sri Krishna Janambhoomi पर Janmashtami को लेकर चल रही तैयारियों के सम्बन्ध में बताया कि इस बार ठाकुरजी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भक्तों को ठाकुर जी सुवर्ण आभा बंगले में विराजमाल होकर दर्शन देंगे। भागवत भगवन में श्रीराधाकृष्ण गर्भगृह को फूलों से सजाकर भव्य रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही जन्माष्टमी की सुबह मंगला आरती के बाद ठाकुरजी को रेशम व रत्न जड़ित कमलाकृति पोशाक धारण कराई जाएगी। पोशाक को कमलाकृति नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इसमें कमल की आकृति और बेल की आकृतियां आकर्षण का केन्द्र होंगी जिसे धारण कर प्रभु की नयनाभिराम छवि के दर्शन कर श्रद्धालु मंत्र-मुग्ध हो जाएंगे।

मोर्छलासन में विराजमाल होकर अभिषेक स्थल पर पधारेंगें ठाकुरजी
श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र यह भी होगा कि अभिषेकस्थल पर ठाकुरजी का चल विग्रह मोर्छलासन पर यानि सूप में विराजमान होकर आयेंगे। जन्म के समय अभिषेक स्थल पर आने के बाद ठाकुरजी का प्रथम जन्माभिषेक स्वर्ण मण्डित रजत निर्मित कामधेनु स्वरूपा गौ माता करेंगी। अभिषेक के समय ठाकुर जी विग्रह चांदी के कमल पुष्प पर विराजमान होगा। जन्म के बाद ठाकुरजी को सवा सौ मन लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाएगा और यह प्रसाद सभी श्रद्धालुओं को वितरित होगा।

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