
ग्राइन्डर एप पर दोस्ती, मुलाकात और अपहरण, किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है जुर्म की ये दास्तां
मथुरा। चौबिया पाड़ा से अपहृत बच्चे को पुलिस ने शकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि इससे पहले पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस से खुद को घिरा देख अपरहणकर्ता एक हाथ में बच्चे का हाथ थाम कर तलवार लहराते हुए भागने की कोशिश करने लगा। इससे पुलिस के भी हाथपांव फूल गये। हालांकि पुलिस ने बाद में एक दबोच लिया। 5 लाख रुपये की फिरौती के लिए अपरहण की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अपहृत की सकुशल बरामदगी की है।
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रविवार को ही विजय कुमार चतुर्वेदी पुत्र स्व. श्रीचन्द्र चतुर्वेदी निवासी अशोक बिहार कॉलोनी थान सदर बाजार जनपद ने उनके पुत्र अभिषेक चतुर्वेदी के घर से गायब होने तथा फिरौती के एवज में अपहरणकर्ताओं द्वारा 5 लाख रूपये मांगने व न देने की दशा में हत्या कर देने के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। एसएसपी शलभ माथुर ने मामले को गंभरता से लिया और सीओ के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गयीं। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने अपहरणकर्ताओं का लगातार पीछा किया। पुलिस टीम ग्राम पचावर पहुंची तो एक सफेद रंग की एचआर 51 एक्स 5200 नम्बर की सैन्ट्रो कार पुलिस को देखकर भागी। आगे से आगे से पीआरवी की गाड़ी आ रही थी। अपने को फंसा देखकर अपहरणकर्ता गाड़ी से उतर कर भागने लगे। एक अभियुक्ता ने एक लड़के का हाथ पकड़ा हुआ था। पुलिस पार्टी द्वारा एक अभियुक्त को जिसने लड़के को पकड़ा हुआ था इसने बांये हाथ से लड़के को पकड़ा हुआ। इस व्यक्ति ने दूसरे हाथ में तलवार ले रखी थी। करीब 1.45 पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने अभिषेक को अपने कब्जे में ले लिया। अभिषेक ने बताया कि पकड़े गये अभियुक्त और उसके साथियों ने उसका अपहरण कर लिया था। ये लोग मेरे घरवालों से फोन पर पांच लाख रूपए की मांग कर रहे थे।
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एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि पकड़े गये अभियुक्त ने अपना नाम सचिन तोमर पुत्र रघुवीर सिंह निवासी अवैरनी थाना बल्देव बताया है। उसके अन्य साथी सुरजीत सिंह, वीरू उर्फ बीके व चन्दू अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गये। अपह्रत अभिषेक ने बताया कि मेरी ग्राइन्डर एप के माध्यम से चन्दू नामक लड़के से दोस्ती हुई थी। उसीने मुझे दिनांक शनिवार को मिलने के लिये शाम 6.30 बजे टैंक चैराहे पर बुलाया था। जहां एक बाइक पर अपने साथी सुरजीत सिंह के साथ आया तथा मुझे बाइक पर बिठाकर हाईवे प्लाजा के पास सुनसान स्थान पर ले गया। चन्दू मेरे साथ खड़ा रहा सुरजीत बाइक लेकर चला गया और कुछ देर बाद सुरजीत सैन्ट्रो कार लेकर आया जिसमें सुरजीत के अलावा दो अन्य अभियुक्त बैठे हुए थे। चन्दू ने बताया कि यह सचिन तोमर व वीरू है। हम उस कार में बैठ गये। कार मैं बैठने के बाद ये लोग गोवर्धन चैराहे से आगे नगला बोहरा ले गये वहां जंगल में खड़ा कर मुझे थप्पड़ मारे तथा कहाकि हमने तुम्हारा अपहरण कर लिया है अपने घर वालों से फोन करके 5 लाख रूपये मंगाओ नहीं तो हम तुम्हें जान से मार देंगे। फिर इन लोगों ने मेरी मम्मी से बात कराई इन लोगों ने यह भी कहा था कि यह बात पुलिस को नहीं बताना नहीं तो हम इसको जान से मार देंगे। फिर ये लोग घुमाते हुये मुझे यहां तक ले आये। बीच बीच में यह मेरे घरवालों से फिरौती की बात भी करते रहे।
Published on:
16 Sept 2019 02:50 pm
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