27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मथुरा में 15 को जन्म लेंगे बाल गोपाल, जन्माष्टमी का ये पूरा कार्यक्रम

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर 14 अगस्त की शाम से शुरू होंगे कार्यक्रम, जोरदार तैयारियां, 16 अगस्त को नंदोत्सव की धूम

2 min read
Google source verification
janmashtami 2017

janmashtami 2017

मथुरा। अब यह स्पष्ट हो गया है कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 15 अगस्त को मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान समेत सभी मंदिरों में जोरदार तैयारियां चल रही हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु आने शुरू हो गए हैं। बस अड्डों, रेलवे स्टशनों और मंदिरों क आसपास भीड़ जमा होनी शुरू हो गई है।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान:14 अगस्त का कार्यक्रम
जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होता है। यहां 14 अगस्त से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। 14 अगस्त को शाम छह बजे से केशवदेव मंदिर मे संकीर्तन शुरू होगा। संकीर्तन मंडल और वैष्णव भक्त श्रीराधाकृष्ण को दिव्य पोशाक अर्पित करेंगे। 14 अगस्त को शाम 6.15 बजे से श्रीकृष्ण की जन्मोत्सव की पोषाक कुसुम वेलि के दर्शन श्रद्धालुओं को कराए जाएंगे।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान:15 अगस्त के कार्यक्रम
15 अगस्त को मंगला दर्शन से पहले भगवान कुसुम वेलि पोषाक को धारण करेंगे। इसके बाद सबको दर्शन देंगे। लीलामंच पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन आदि की प्रस्तुति होगी। रात्रि 11 बजे से भागवत भवन में श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव का शुभारंभ होगा। रात्रि 12 बजे महाभिषेक किया जाएगा। 16 अगस्त को प्रातःकाल नंदोत्सव की धूम रहेगी।

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में तैयारियां
वृंदावन स्थित ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भी जन्मोत्सव की धूम है। 15 अगस्त की रात 11.30 बजे ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के चबूतरे पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा होगी। रात्रि 12 बजे अभिषेक होगा, लेकिन श्रद्धालु दर्शन नहीं कर सकेंगे। रात्रि 1.55 बजे मंगला आरती होगी। प्रातः 1.45 से पांच बजे तक ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन किए जाएंगे।

16 अगस्त को नंदोत्सव
16 अगस्त, 2017 को ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के कपाट प्रातः 7.45 बजे खुलेंगे। प्रातः 7.55 बजे श्रृंगार आरती होगी। प्रातः आठ से दोपहर 12 बजे तक मंदिर में दधिकांधा होगा। दोपहर 12 बजे राजभोग आरती की जाएगी। नंदोत्सव प्रातः पौने आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।

द्वारिकाधीश मंदिर
प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में 15 अगस्त को प्रातः छह बजे से सवा छह बजे तक मंगला दर्शन होंगे। इसके बाद पंचामृत स्नान होगा। श्रृंगार दर्शन प्रातः नौ बजे से किए जाएंगे। इसके बाद राजभोग की झांकी होगी। मंदिर में जागरण के दर्शन रात्रि 10 बजे से 11.45 बजे तक किए जा सकेंगे। 16 अगस्त को नंदोत्सव की धूम रहेगी।