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Krishna Janmashtami 2023: जन्माष्टमी के मौके पर जा रहे हैं वृंदावन, इन जगहों की सैर करना ना भूलें

Krishna Janmashtami 2o23: कृष्ण जन्माष्टमी के जश्न की बात हो तो दिमाग में तुरंत मथुरा और वृंदावन का ख्याल आता है। अगर आप इस दौरान वृंदावन की यात्रा करने की सोच रहे हैं तो आप यहां के और जगहों की सैर भी कर सकते हैं। जानें पूरी डिटेल्स…

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Krishna Janmashtami 2o23: मथुरा-वृंदावन को भगवान श्री कृष्ण की नगरी भी कहा जाता है। जन्माष्टमी के मौके पर इन धार्मिक जगहों पर एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन(Mathura-Vrindavan) में जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। वृंदावन आने वाले लोग सिर्फ कृष्ण मंदिर ही नहीं, बल्कि यहां के दूसरे जगहों को एक्सप्लोर करने में इंटरेस्टेड रहते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि वृंदावन की उन खूबसूरत जगहों के बारे में जो आपकी ट्रिप को और मजेदार बना सकते हैं।

वृंदावन के पास घूमने की जगहे

प्रेम मंदिर(Prem Mandir)
वृंदावन में कई मंदिर हैं जिनमें से सबसे प्रसिद्ध मंदिर राधा-कृष्ण का प्रेम मंदिर है जोकि सीता-राम को भी समर्पित है। सफेद पत्थर से बना यह मंदिर वृंदावन की शोभा में चार-चांद लगा देता है। वृंदावन आने वाले लोग इस मंदिर में दर्शन के लिए जरूर आते हैं।

बांके बिहारी मंदिर(Banke Bihari Temple)
प्रेम मंदिर के बाद वृंदावन एक सबसे मशहूर मंदिरों में इस मंदिर का नाम शामिल है। देश के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक इस मंदिर में भगवान कृष्ण की छवि एक बालक के रूप में प्रकट होती है। खास बात है कि इस मंदिर में कोई घंटी या शंख नहीं है।

चीर घाट(Cheer Ghat)
इस जगह से भगवान कृष्ण की एक लीला जुड़ी हुई है। कहते हैं कि यही वो जगह है जहां नटखट कृष्ण गोपियों के कपड़े छुपाया करते थे। सिर्फ इतना ही नहीं, इस जगह से भगवान कृष्ण और द्रोपती का भी खास नाता है।

मानसरोवर झील(Mansarovar Lake)
वृंदावन से सिर्फ 5 किलोमीटर की दूरी पर बसे इस झील से राधारानी का खास संबंध है। ऐसा माना जाता है कि ये झील राधा के आंसुओं से बनी हुई है। वृंदावन आने वाले इस मानसरोवर झील के दर्शन के लिए भी जरूर आते हैं।


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रंगजी मंदिर(Rangji Temple)
वृंदावन-मथुरा मार्ग पर रंगजी मंदिर बना हुआ है जो भगवान विष्णु के 108 दिव्य देशों में से एक हैं। इस मंदिर को श्री रंगनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जो साल 1851 में बना था। इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के दूल्हे रूप में मूर्ति स्थापित की गई है।

पागल बाबा मंदिर(Pagal Baba Temple)
वृंदावन में एक 10 मंजिला मंदिर है, जो काफी खूबसूरत दिखता है। माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण राधारानी के लिए यहीं पर अपनी बांसुरी बजाया करते थे। इस मंदिर की खासियत यह है इस मंदिर में पहले मंजिल में चर्च, दूसरे में मस्जिद, तीसरे में गुरुद्वार और चौथे में सनातन धर्म के मंदिर स्थित है।