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यहां 6 महीन में ही प्रकट हुए थे भगवान, दिए थे दर्शन, देखें वीडियो

गाय चराने जाते थे भगवान कृष्ण, आज भी उमड़ती है भारी भीड़

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lord vishnu

dhuve vishnu

मथुरा। भगवान विष्णु की कथाएं अपार हैं। उनके भक्तों की कहानियां भी रोचक हैं। कही उन्होंने जल्दी से दर्शन दिया तो कही वर्षों से इंतजार करा दिया। मथुरा के मधुबन में भी कुछ ऐसी ही कहानी है प्रभु विष्णु की। जहां पर मात्र 6 महीने में ही भगवान विष्णु ने भक्त ध्रुव को दर्शन दिए थे। उस जगह पर अभी भी भारी भीड़ होती है। ध्रुव टीला के नाम से स्थान प्रसिदृध है। पढ़िए मधुबन से पत्रिका की विशेष रिपोर्ट।

यहां की थी तपस्या

मथुरा से करीब 10 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे दो से होते हुए महोली गांव पहुंचते ही ध्रुव टीला दिखेगा । आपको बता दें कि यह टीला बहुत ही प्राचीन समय का बना है। यहां बड़े—बड़े पत्थर और मिट्टी का ढ़ेर काफी जमा हुआ था। जिसकी लंबाई करीब 200 फीट और ऊंचाई करीब डेढ़ सौ फीट है। भगवान ध्रुव ने इस किले पर 5 वर्ष की अवस्था में यहां आए थे। इसी टीले पर आकर उन्होंने तपस्या कि बताया यह जाता है कि नारद मुनि के कहने पर ध्रुव जी महाराज यहां आए थे। उन्होंने ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप किया। ध्रुव जी 5 साल की अवस्था में ही यहां बैठकर तपस्या करने लग गए थे। छह माह तक भगवान विष्णु की घोर तपस्या की उसके बाद उन्हें भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उनको दर्शन दे दिए। इस टीले के चारों तरफ घना जंगल है।

IMAGE CREDIT: patrika

एक अरब 84 करोड़ 32 लाख वर्ष पहले ध्रुव जी महाराज यहां आए थे

ध्रुव जी मंदिर के सेवायत नारायण दास ने बताया इस मंदिर का नाम है ध्रुव टीला। सतयुग में भगवान ध्रुव जी ने यहां तपस्या की थी और जब वह 5 वर्ष के थे 6 महीने उन्होंने तपस्या की। 6 महीने में भगवान नारायण ने उन्हें दर्शन दे दिए। 14 मनु होते हैं। एक अरब 84 करोड़ 32 लाख वर्ष पहले ध्रुव जी महाराज यहां आए थे पूरी दुनिया में सबसे प्राचीन जगह जो है वह है ध्रुव टीला। यही से 84 कोस की परिक्रमा का पहला पड़ाव शुरु होता है।