
मथुरा। पिछले दो दिन से यमुना में बहुतायत में गंदा पानी आ रहा है। इस कारण लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा नोडल अधिकारी यमुना कार्ययोजना ब्रजेश कुमार ने यमुना में गंदे पानी के प्रवाह की जांच की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि मसानी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और एसपीएस दोनों ही विगत 9 जून से बंद हैं। इस लापरवाही पर शासन को पत्र भेजा जा रहा है।
नौ जून से बंद हैं एसटीपी
यमुना में विगत कई दिनों से गंदे पानी का प्रवाह हो रहा था। बुधवार को इस गंदे पानी का प्रवाह काफी बढ़ गया। इसकी शिकायत याचिकाकर्ता कांतानाथ चतुर्वेदी और पार्षद रामदास चतुर्वेदी ने जिला प्रशासन से की। एडीएम फाईनेंस ब्रजेश कुमार यमुना घाटों पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने मसानी एसटीपी और एसपीएस का भी निरीक्षण किया। पता चला कि वहां के एसटीपी और एसपीएस विगत 9 जून से बंद थे। आश्चर्य की बात तो यह है कि इस बारे में जब एडीएम ने जलनिगम के परियोजना निदेशक महाराज सिंह से बात की तो उन्हें इसका पता तक नहीं था कि एसटीपी कब से बंद हैं। इस पर एडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। दूसरी ओर एसटीपी बंद होने के कारण यमुना में गुरुवार को गंदगी और भी बढ़ गई।
परियोजना निदेशक के खिलाफ लिखा
एडीएम ने बताया कि इन परिस्थितियों में यमुना में आगरा खंड से 200 क्यूसेक पानी बुधवार को छुड़वाया था, जबकि इतना ही पानी गुरुवार को भी आया। हालांकि गर्मी के मौसम को देखते हुए यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन गंदगी को बहाकर ले जाने का यही एक तरीका है। यमुना जल की सैंपलिंग भी कराई गई है। दूसरी ओर जलनिगम के परियोजना निदेशक महाराज सिंह के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।
Published on:
22 Jun 2019 11:06 am
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