
मथुरा। संघ प्रमुख की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। शुक्रवार को जिस समय संघ प्रमुख के काफिले की गाड़ियां एक्सप्रेस-वे पर आपस में टकराईं उस समय वहां उनके काफिले में कोई एम्बुलेंस ही मौजूद नहीं थी। घटना के बाद ही वहां एम्बुलेंस पहुंची थी जबकि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यचिकित्सा अधिकारी को टप्पल बाॅर्डर से संघ प्रमुख के काफिले में चिकित्सकों की टीम के साथ एम्बुलेंस की ड्यूटी लगाई गई थी।
सुरीर क्षेत्र में हादसे के बाद पहुंची एम्बुलेंस
शुक्रवार को एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत दिल्ली से एक्सप्रेस-वे के रास्ते वृंदावन आ रहे थे। इसी दौरान रास्ते में थाना सुरीर क्षेत्र में माइलस्टोन संख्या 84 के समीप उनके काफिले में आगे चल रही गाड़ी का टायर अचानक फट गया। जिससे उनके काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गईं थी। हालांकि इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई लेकिन तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इस हादसे के बाद संघ प्रमुख की सुरक्षा मेें चूक का मामला सामने आया। दरअसल जिस समय हादसा हुआ उस समय संघ प्रमुख के काफिले में एम्बुलेंस ही नहीं थी। घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर एम्बुलेंस पहुंची थी जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने वीवीआईपी के लिए चिकित्सकों की टीम के साथ एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनश्चित की थी। आरएसएस प्रमुख के काफिले के लिए एम्बुलेंस संख्या यूपी 41 जी 3905 की व्यवस्था की थी इसके साथ ही चिकित्सकों की टीम में फरह सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र से सर्जन चिकित्सक डॉ अनिल सिंघल, निश्चेतक चिकित्सक डॉ अनुराग गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी/ फिजीशियन डॉ आलोक कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कराहरी से फार्मासिस्ट देवेन्द्र कटारा, लैब टैक्नीशियन जे.पी. गौतम और वार्डवाॅय सतीश कुलश्रेष्ठ की ड्यूटी लगाई गई थी।
सीएमओ के पास नहीं जवाब
एम्बुलेंस को एक्सप्रेस-वे पर टप्पल बाॅर्डर से संघ प्रमुख के काफिले में शामिल होना था लेकिन यहां न तो एम्बुलेंस पहुंची और न ही चिकित्सकों की टीम। बताया गया है कि थाना सुरीर क्षेत्र में काफिले की गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वहां एम्बुलेंस पहुंची। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वीवीआईपी की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग किस तरह सचेत है। इस बारे में जब सीएमओ मथुरा डॉ. त्यागी से बात की गई तो संघ प्रमुख के काफिले में एम्बुलेंस और चिकित्सकों की टीम के मौजूद रहने को लेकर गोलमोल जवाब देते नजर आए। उन्होंने बताया कि टप्पल बार्डर से एम्बुलेंस वीवीआईपी के काफिले में शामिल हुई थी लेकिन वहीं जब हादसे के वक्त मौके पर एम्बुलेंस के होने के बारे में पूछा तो बताया कि उस समय वहां एम्बुलेंस नहीं थी। कारण पूछने पर बताया कि काफिले की गाड़ियां स्पीड में चल रही थीं जिस कारण एम्बुलेंस पीछे रह गई और घटना के 10 मिनट बाद ही मौके पर पहुंच गई।
हादसे के बाद मिली एम्बुलेंस
वहीं इस बारे में जब थानाध्यक्ष नौहझील संजय शुक्ला से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि टप्पल बार्डर से संघ प्रमुख को एस्काॅर्ट उपलब्ध कराई गई थी लेकिल यहां से उनके काफिले में कोई एम्बुलेंस शामिल नहीं हुई थी। टप्पल बॉर्डर से संघ प्रमुख को एस्काॅर्ट उपलब्ध कराई गई थी लेकिन उस समय वहां कोई एम्बुलेंस मौजूद ही नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सुरीर क्षेत्र में हुए हादसे के बाद मौके पर एम्बुलेंस पहुंची थी।
Updated on:
08 Oct 2017 09:40 am
Published on:
08 Oct 2017 09:36 am
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