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Mathura Cyber Crime: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई की। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के विशंभरा और झंझावली गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस की टीम अचानक पहुंच गई। इस ऑपरेशन में एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के नेतृत्व में पूरा किया गया।
6 एएसपी और सीओ सहित करीब 240 पुलिसकर्मी शामिल थे। 20 से अधिक गाड़ियों में पहुंची पुलिस ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस को देखते ही कई संदिग्ध गांव छोड़कर भागने लगे। कुछ लोग खेतों और खाली जगहों पर छिप गए, लेकिन पुलिस ने पीछा कर कई लोगों को पकड़ लिया।
पुलिस का यह अभियान करीब पांच घंटे तक लगातार चला। इस दौरान पुलिस ने दोनों गांवों से कुल 34 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें से 23 आरोपी विशंभरा गांव और 11 आरोपी झंझावली गांव से पकड़े गए। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के दौरान 45 संदिग्ध मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है। इसके अलावा 5 वाहनों को भी जब्त किया गया है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं और कई राज्यों में इनके खिलाफ केस दर्ज हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मथुरा के गोवर्धन क्षेत्र के आसपास के 7 से 10 गांव लंबे समय से साइबर ठगी का केंद्र बने हुए हैं। इन गांवों की भौगोलिक स्थिति अपराधियों के लिए काफी अनुकूल है, क्योंकि यहां से राजस्थान बॉर्डर करीब 5 किलोमीटर और हरियाणा बॉर्डर करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर है। इस वजह से अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से दूसरे राज्य में भाग जाते हैं और पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इसी कारण इस इलाके को ‘मिनी जामताड़ा’ के नाम से जाना जाने लगा है, जो झारखंड के कुख्यात साइबर ठगी क्षेत्र जामताड़ा की तरह बदनाम हो चुका है।
पुलिस के अनुसार, इस इलाके से साइबर अपराधी देशभर के लोगों को फोन कर बैंक फ्रॉड, ओटीपी ठगी, फिशिंग, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। ये आरोपी लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस को पिछले कई महीनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने मिलकर आरोपियों की पहचान की और यह बड़ी कार्रवाई की। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Updated on:
22 Feb 2026, 7:22 PM IST
Published on:
22 Feb 2026, 7:22 PM IST
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