
तारीख थी 12 फरवरी और साल 2024। संसद में उस दिन बजट सत्र का आखिरी दिन था। संसद के बाहर भाजपा सांसद हेमा मालिनी से एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या उनको ये लगता है कि राम के नाम पर विरोध करने से विपक्ष को लोकसभा चुनाव में फायदा मिलेगा? हेमा ने कहा, 'बेहिसाब हसरतें ना पालिये, जो मिला उसे संभालिये... आएंगे तो मोदी ही।' मथुरा के लिए सांसद हेमा मालिनी ने कितना काम किया है आइए रिपोर्ट कार्ड में जानते हैं।
हेमा मालिनी की डिबेट में हिस्सेदारी 20
डिबेट में हिस्सा लेने का नेशनल एवरेज 46.1
यूपी के सांसदों का एवरेज 60.2
सोर्सः पीआरएस
डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून, मथुरा को दिल्ली-एनसीआर में शामिल करने की मांग, बड़े किसानों और छोटे किसानों के बीच समझौते की नीति बनाने पर रहा फोकस।
-डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून की मांग की
-सरोगेसी (विनियमन) विधेयक, 2019
-मथुरा में गोवर्धन के विकास की मांग
-पशुओं पर क्रूरता रोकने के लिए मजबूत पशु संरक्षण कानून की मांग
-मंत्री से आगरा किला से मथुरा होते हुए काठगोदाम तक ट्रेन और मथुरा से अलीगढ़ तक सीधी ट्रेन शुरू करने का आग्रह
हेमा मालिनी ने कुल सवाल पूछे 105
संसद में सवाल पूछने का नेशनल एवरेज 210
यूपी के सांसदों के सवाल पूछने का एवरेज 151
समय काल 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः पीआरएस
यूपी की ताजा खबरें- UP News in Hindi
मेरा युवा भारत
आयुर्वेद आहार उत्पाद
प्रसाद योजना के तहत तीर्थ स्थलों का विकास
आयुष्मान भारत योजना (ABY)
किसानों की आय दोगुनी करना
सांसद रहते हेमा मालिनी सांसद एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने में असफल रहीं।
प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने का नेशनल एवरेज 1.5
यूपी के सांसदों का एवरेज 1.3
समय काल: 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः पीआरएस
प्राइवेट मेंबर बिल एक विशेषाधिकार है। इस अधिकार के तहत सांसद संसद में अपने विवेक से एक प्राइवेट बिल लेकर आते हैं। हालांकि शर्त यह है कि वही सांसद इस बिल को पेश कर सकते हैं जिनके पास कोई मंत्री पद नहीं है।
कुल प्रस्तावित सैंक्शन बजट 17 करोड़ रुपए
कुल बजट मिला 7 करोड़ रुपए
कुल खर्च हुआ 6.55 करोड़ रुपए
बचा हुआ बजटः 0.45 करोड़ रुपए
समय काल 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः एमपी लैड्स
संसद में हेमा मालिनी की हाजिरी 88% रही
सांसदों के हाजिरी का नेशनल एवरेज 79%
यूपी के सांसदों के हाजिरी का एवरेज 83%
समय काल: 01 जून 2019 से लेकर 09 फरवरी 2024 तक
सोर्सः पीआरएस इंडिया
कहानी बड़ी दिलचस्प है। दरअसल, साल था 1957। देश में जब दूसरे आम चुनाव हुए तो भाजपा के सबसे बड़े नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय जनसंघ के टिकट पर यहां से किस्मत आजमाई। लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। वह न केवल मथुरा से चुनाव हारे बल्कि उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी।
हमारा काम था, सांसद जी का रिपोर्ट कार्ड पेश करना। वो पास रहे या फेल, ये आप बताइए कमेंट बॉक्स में या फिर ईमेल कीजिए- janardan.pandey@in.patrika.com पर।
(इस स्टोरी के शोध कार्य में अभिषेक पांडेय ने मदद की है। वह पत्रिका डिजिटल के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं।)
Updated on:
02 May 2024 05:35 pm
Published on:
08 Apr 2024 03:02 pm
बड़ी खबरें
View Allमथुरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
