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 Mudiya Mela  : ट्रेन के इंजन और छत पर बैठकर पहुंच रहे श्रद्धालु

Indian Railway द्वारा Mudiya Purnima Mela को देखते हुए कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्हें मथुरा तक आने के लिए ट्रेन की छत पर बैठना मजबूरी है। 

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Santosh Pandey

Jul 09, 2017

mudiya mela 3

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मथुरा। Mudiya Purnima Mela आज है। इसके लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। कोई बस से तो ट्रेन से पहुंच रहा है। वहीं भीड़ इतनी ज्यादा है कि श्रद्धालु Train की छत पर बैठने को मजबूर है। सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं हैं। उन्हें तो ट्रेन के शौचालय में भी बैठना पड़ा है। पत्रिका ने जब परिवहन व्यवस्थाओं की पड़ताल की तो ये चीजें सामने आई हैं।

जोखिम में जान

ये नजारा है Mathura Kashganj Passenger Train का जिस पर लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर सफर करने को मजबूर है। लोग ट्रेन के इंजन और छतों पर बैठ कर सफर कर रहे है। Guru Purnima Mela में आने के लिए लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सफर पर है। प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है ट्रेन की छत पर सफर करने वाले लोगों को न तो Railway Police ही रोक रही है और न ही अधिकारी। यात्री रेल के इंजन पर और रेल के डिब्बों की छतों पर बैठकर बेधड़क यात्रा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रेलवे द्वारा मुड़िया पूर्णिमा मेले को देखते हुए कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्हें Mathura तक आने के लिए ट्रेन की छत पर बैठना मजबूरी है।


कोई इंतजाम नहीं

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देवेंद्र ( यात्री ) लोग जान हथेली पर लेकर सफर कर रहे है हर साल ये मेला आता है लेकिन Indian Railway कोई इंतजाम नहीं करता। विनोद (यात्री ) Railway Administration को अलग से गाड़ी की व्यवस्था करनी चाहिए लेकिन पर्याप्त गाड़ी की व्यवस्था कभी नहीं की जाती है अगर कोई हादसा होगा तो इसका जिम्मेदार रेलवे होगा, किशन (दिव्यांग यात्री ) बहुत परेशान है। हम ये सब रेलवे की लापरवाही है रेलवे की तरफ से कोई सुभिधा नहीं है। उमेश (यात्री ) Mudiya Purnima Mela पर परिक्रमा करने आये है बहुत भीड़ है ।

300 लोग थे छत पर

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GRP सिपाही सुदेश ने बताया कि बहुत भीड़ है। सीटी बजा रहे है लेकिन सभी लोग ट्रेन की छत और इंजन पर चढ़ गए। कोई मामने को तैयार नहीं वहीं छत पर करीब 300 से 400 लोग सवार थे।


कोई सुन नहीं रहा

रेलवे अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि RPF (Railway Protection Force) और GRP (Government Railway Police) भी लगी हुई है सभी लड़के उतरवा दिए लेकिन फिर चढ़ गए।






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