
radha krishna
मथुरा। अकबर की पत्नी जोधाबाई की कृष्ण भक्ति के बारे में तो आपने खूब पढ़ा और सुना होगा लेकिन आप शायद ही उनकी उस बेगम के बारे में जानते हों, जो मुस्लिम होने के बावजूद श्रीकृष्ण की भक्ति में रम गईं थीं। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण को स्वयं दर्शन देने आना पड़ा था। ब्रज में आज भी उनकी समाधि बनी हुई है। जानिए उनके बारे में।
अकबर की इस पत्नी का नाम था ताज बीबी। इनकी समाधि आज भी ब्रजभूमि की रमन रेती से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है और कृष्ण भक्ति की गाथा कह रही है। इनके विषय में कथा है कि एक बार इन्होंने मौलवियों, मुल्लाओं और अपने इमाम से पूछा कि क्या अल्लाह का दीदार हो सकता है।
सभी ने उत्तर दिया हां हो सकता है। इनका उत्तर जानकर ताज बीबी काबाशरीफ की यात्रा पर चल पड़ीं। मार्ग में एक पड़ाव ब्रज में पड़ा। घंटे घड़ियालों की आवाज सुनकर ताज बीबी ने लोगों से पूछा कि यह क्या है।
दीवान ने कहा यहां कुछ लोगों का छोटा खुदा रहता है। ताज ने आग्रह किया कि वह छोटा खुदा से मिलकर ही आगे चलेंगी। जैसे ही मंदिर में प्रवेश करना चाहा, पंडों ने उन्हें रोक दिया। ताज वहीं बैठकर गाने लगीं। कहते हैं ताज की भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने इन्हें साक्षात दर्शन देकर कृतार्थ किया।
इसके बाद ताज बीबी गोस्वामी विट्ठलनाथ जी की सेविका बन गईं। इन्होंने कृष्ण की भक्ति में कविताएं, छंद और धमार लिखे जो आज भी पुष्टिमार्गीय मंदिरों में गाए जाते हैं। लेकिन पुरातत्व विभाग की उपेक्षाओं के कारण इनकी समाधि आज वीरान वन में गुमनाम पड़ी है। 3 फरवरी को ताजबीबी की समाधि स्थल पर रसोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बृज रसिक मधुकर जी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत क़ी। इस अवसर पर सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।
Published on:
04 Feb 2019 02:05 pm
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