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कान्हा की नगरी में चामुंडा देवी की है बड़ी मान्यता, जानिए राज

इस मंदिर से जुड़ी हुई लाखों भक्तों की आस्था
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मथुरा

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Santosh Pandey

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Updated: 24 Sep 2017, 10:18 AM IST

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मथुरा। कृष्ण नगरी मथुरा में स्थित चामुंडा देवी का मंदिर बेहद प्राचीन है। विशेष पौराणिक महत्व भी है। 51 शक्तिपीठों में शामिल होने की वजह से इस मंदिर से लाखों भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्र में यहाँ चामुंडा देवी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है। शारदीय नवरात्र में यहां पर भीड़ अधिक होती है।

ये है मान्यता

देश के अलग-अलग हिस्सों में 51 शक्तिपीठ विराजमान है और सभी भक्तों की आस्था जुडी हुई है। कृष्ण नगरी मथुरा में स्थित प्राचीन चामुंडा देवी मंदिर इन्ही 51 शक्तिपीठों में से एक है इस मंदिर का विशेष पौराणिक महत्त्व है। धर्म और पुराणों में उल्लेख है कि जब राजा दक्ष के भगवान शिव को अपने यहा हवन-यज्ञ में ना बुलाने और उनके सम्मान को ठेस पहुँचने की वजह से उनकी धर्मपत्नी सती हो गई थी। तो शिव सती के शरीर को लेकर ब्रह्माण्ड में घूमे थे शिव के क्रोध से घबराए सभी देवता जब भगवान विष्णू के पास पहुंचे तो उन्होंने अपने चक्र से सती के शरीर के कई तुकडे कर उनको मुक्ति दी थी। पृथ्वी पर जहाँ-जहाँ सती के अंग गिरे वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हो गए। मथुरा में जहाँ उनके केश गिरे थे वहीँ चामुंडा देवी मंदिर की स्थापना हुई और शक्तिपीठ के रूप में इसकी पूजा-अर्चना की जाने लगी । शक्तिपीठ होने की वजह से चामुंडा देवी मंदिर से लाखों भक्तों की आस्था जुडी हुई है और सभी यहाँ अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए माँ के दरबार में हाजिरी लागने आते है ।

मन चाहा फल देती है माँ

चामुंडा देवी मंदिर के महंत आनंद देव ने बताया मां चामुंडा की शैलपुत्री के रूप में पूजा अर्चना की जाती है जो भी भक्त मंदिर में आता है। यहां पूजा अर्चना कर मनौती मांगता है और चामुंडा मां को खुश करने के लिए भक्त व्रत करते हैं और विधिवत पूजा करते हैं जो भी भक्तों की कामना होती हैं वह माता के सामने रखते हैं और मैं उनकी मनोकामना पूरी करती है। चामुंडा मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति हर भक्तों की मनोकामना मां के द्वारा पूरी की जाती है और भक्त यहां से निराश होकर नहीं लौटते जो भी मांगते हैं मैं उन्हें मनचाहा फल देती है । मंदिर में 9 दिन तक इसी तरह का उत्सव रहता है और भक्त व्रत रह कर अपनी मां पूजा अर्चना करते हैं और मैं उन्हें मनचाहा फल देती है ।

मन को शांति मिलती है

चामुंडा देवी मंदिर में पूजा करने आए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने माता की विधि विधान से पूजा की और बताया के मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगा माता रानी के दर्शन किए दर्शन कर मन को शांति मिली। मां के समक्ष दीप जलाकर उनकी आरती की और उनसे अपने मन की जो कामना है उसे पूरी करने के लिए मां से आशीर्वाद लिया मां सभी की सुनती हैं और सभी के कष्टों को हरती है ।

विश्व पर माता की हो कृपा

परशुराम श्रीवास्तव और मालती मंदिर में पूजा करने आए दोनों भक्तों ने बताया हम लोग जबलपुर से माता चामुंडा के दर्शन के लिए आए हैं शारदी नवरात्री में हमको सौभाग्य मिला माता चामुंडा के दर्शन का माता रानी के दर्शन करके हम लोग बहुत ही आनंदित हैं बहुत ही प्रफुल्लित हैं। माता रानी पूरे विश्व पर कृपा बरसाए रखे धर्म का सभी लोग अच्छे से पालन करें और माता उन पर अपना आशीर्वाद बनाए रखे।

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