
राम मंदिर फोटो सोर्स @shriramteerth X account
नववर्ष 2026 के आगमन में अब केवल 48 घंटे शेष हैं। इससे पहले ही उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केंद्र अयोध्या, काशी और मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों पर पैदल चलने तक की जगह नहीं बची है। बड़ी संख्या में लोग नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन से करना चाहते हैं। इसी कारण इन शहरों में जबरदस्त दबाव देखा जा रहा है।
वाराणसी में नववर्ष के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। बाबा विश्वनाथ स्वर्ण मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए 3 जनवरी तक गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग के स्पर्श दर्शन पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को जिक-जैक लाइन से लाया जा रहा है। जिसमें औसतन पांच घंटे का समय लग रहा है। अनुमान है कि करीब छह लाख श्रद्धालु काशी पहुंच सकते हैं। मंदिर परिसर में लाकर सुविधा बंद है। केवल गंगाजल ले जाने की अनुमति दी गई है। वहीं, देशभर के भक्त ऑनलाइन माध्यम से भी बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
अयोध्या में राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ को भव्य रूप से मनाया जा रहा है। 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचेंगे। अंगद टीला पर मानस पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। कर्नाटक से लाई गई सोने की राम प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जिस पर हीरे और माणिक जड़े हैं। लगभग 500 किलो वजनी इस प्रतिमा की कीमत करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अयोध्या में पांच लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। वहीं शहर के भीतर वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। कुल मिलाकर 36 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं
मथुरा और वृंदावन में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने 5 जनवरी तक वृंदावन न आने की अपील की है। दर्शन के लिए भक्तों को करीब तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। बाहर से आने वाले वाहनों के लिए शहर के चारों ओर कई पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं।
तीनों शहरों में होटल और होम-स्टे के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। वाराणसी, अयोध्या और मथुरा में होटल टैरिफ 20 से 30 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं। सामान्य दिनों में सस्ते दाम पर मिलने वाले होम-स्टे कमरों के लिए अब दोगुनी राशि चुकानी पड़ रही है।
नए साल के मौके पर धार्मिक आयोजनों के लिए फूलों की भी भारी मांग है। अनुमान है कि करीब 20 लाख गुलाब और 2 हजार टन गेंदा फूल की बिक्री होगी। कुल मिलाकर, नववर्ष 2026 से पहले अयोध्या, काशी और मथुरा पूरी तरह श्रद्धा, भीड़ और सुरक्षा व्यवस्थाओं के साये में नजर आ रहे हैं।
Updated on:
30 Dec 2025 10:53 am
Published on:
30 Dec 2025 10:50 am
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