
once upon a time
मथुरा। वृंदावन के पग पग पर मंदिर बने हुए हैं। यहां का हर मंदिर कुछ ना कुछ इतिहास अपने आप में संजोए हुए हैं। ऐसे में आज हम बात करेंगे एक ऐसे मंदिर की जहां भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन होकर संत योगीराज दामोदर दास फलाहारी बाबा ने एक नाव से ही यमुना जल के रास्ते गंगासागर के अलावा कई नदियों में भ्रमण किया। यह नाव आज भी वृंदावन के इस मंदिर में मौजूद हैं।
मथुरा से करीब 16 किलोमीटर की दूरी पर वृन्दावन मांट रोड पर स्थित है भतरौंड बिहारी मंदिर। मंदिर के महंत संत योगीराज दामोदरदास फलारी बाबा के शिष्य संत दास महाराज ने नाव के इतिहास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गुरु जी के साथ हम दो लोग उनकी सेवा में रहते थे। इस नाव के जरिए हमने जलमार्ग से अपनी यात्रा गंगा नदी, गंगासागर, अयोध्या, घाघरा नदी, सरयू नदी में करने के बाद हम लोग यमुना में आ पहुंचे। 1999 में हम लोग वृंदावन आए। उन्होंने यह भी बताया कि राजपुर गांव के लोगों ने सन 2000 में इस मंदिर कोरे गुरु योगीराज दामोदर दास महाराज को ये मंदिर उपहार स्वरूप दिया था। तब ये नाव यमुना में रहती थी। वर्ष 2008 में नाव को यमुना से उठवाकर मंदिर पर रखवा दिया गया। तब से लेकर आज तक यह नाव मंदिर में ही रखी हुई है। नाव में नल लगा हुआ है और एक चलते फिरते घर की तरह है।
Updated on:
21 Nov 2019 04:21 pm
Published on:
21 Nov 2019 04:01 pm
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