
मथुरा में प्रधानमंत्री का विपक्ष पर प्रहार, पाकिस्तान को चेतावनी, 1059 करोड़ की सौगात
मथुरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय मथुरा में तीन तीन बड़ी योजनाएं देशभर के लिए शुरू कीं। देशव्यापी राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम और कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, स्वच्छता ही सेवा 2019 तथा स्टार्टअप ग्रांड चैलेंज का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मथुरा, आगरा, हापुड़, बांदा, नोएडा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और कन्नौज के लिए 1059 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया। पशु आरोग्य मेला का भ्रमण किया। कचरे से प्लास्टिक बीनने वाली महिलाओं के साथ बैठकर उनके कार्य को देखा। फिर जनसभा में सभी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अफ्रीका के देश रवांडा का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर प्रहार किया- गाय और ओम के नाम से कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं। प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना चेतावनी दी। कहा कि आतंकवाद की जड़ें पड़ोस में फल-फूल रही हैं। प्रधानमंत्री ने गाय के पेट से प्लास्टिक निकालने की लाइव सर्जरी देखी। किसानों से बातचीत की।
रवांडा में सरकार देती है गाय
उन्होंने कहा- मैं अफ्रीका के रवांडा देश में गया। वहां की सरकार गांव के अंदर गाय भेंट देती है। फिर उनका पहली बछड़ी सरकार वापस लेती है। जिसके पास गाय नहीं है, उसे यह बछड़ी भेंट दी जाती है। उनकी कोशिश है कि रवांडा के गांव में हर घर के पास गाय इकोनोमी का आधार बने। इस योजना का उद्घाटन करने का मौका मिला मुझे। गाय के दूध से रोजी-रोटी कमाने का नेटवर्क खड़ा किया गया है। हमारे देश का दुर्भाग्य है कि कुछ लोगों के कान पर ओम शब्द उनके बाल खड़े हो जाते हैं। गाय का शब्द पड़ता है तो बाल खड़े हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि देश 16वीं सदी में चला गया है। ऐसे लोगों ने देश को बर्बाद करने में कुछ नहीं छोड़ा है। इसलिए हमारे ग्रामीण जीवन की अर्थव्यवस्था में पशुपालन मूल्यवान है। इसके बिना गांव नहीं चल सकता है। लेकिन पता नहीं, वह शब्द सुनते ही करंट लग जाता है।
51 करोड़ पशुओं को टीके लगेंगे
सरकार ने 100 दिन में जो बड़े फैसले लिए हैं, उनमें से एक पशुओं का टीकाकरण है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम और कृत्रिण गर्भाधान कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। पशुधन का बीमार होना बड़ा झटका होता है। उनके इलाज पर किसानों को बेवजह खर्च न करना पडे, इसी सोच के साथ 13 हजार करोड़ रुपये के बड़े अभियान की शुरूआत की गई है। एफएमडी (फुट एंड माउथ डिसीज) से मुक्ति। खुरपका और मुंहपका बीमारी से मुक्ति का अभियान है। दुनिया के कई गरीब और छोटे देशों ने इस बीमारी से पशुओं को मुक्ति दिला दी है। फिर श्रीकृष्ण की धरती पर कोई पशु ऐसी मुसीबत से नहीं जीना चाहिए। 51 करोड़ पशुओं को साल में दो बार टीके लगाए जाएंगे। जिन पशुओं का टीकाकण हो जाएगा, उन्हें पशु आधार देकर कानों में टैग लगाया जाएगा। पशुओं को स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किया जाएगा। पशुधन स्वस्थ, पोषित और नई नस्लों का विकास करना है। पशुपालकों की आय बढ़ेगी, बच्चों को उचित मात्रा में दूध मिलेगा, दुनिया के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक देशों में भारत की पहचान बनेगी।
पशुपालकों की आय बढ़ी
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में पशुपालन और दूसरे व्यवसायों का बहुत बड़ा रोल है। मछली पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन पर किया गया निवेश ज्यादा कमाई कराता है। कृषि से जुड़े दूसरे विकल्पों पर आगे बढ़े हैं। पशुधन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य को लेकर हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। दुधारु पशुओं की गुणवत्ता के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन शुरू किया गया। पांच साल में दुग्ध उत्पादन में 7 फीसदी की वृद्धि हुई है। किसानों और पशुपालकों की आय में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मंच पर मौजूद रहे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय पशुपालन राज्यमंत्री संजीव कुमार बालयान, केन्द्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा, चौधरी लक्ष्मीनारायण, जय प्रकाश निषाद, मथुरा की सांसद हेमा मालिनी, विधायक पूरन प्रकाश, कारिंदा सिंह भी मौजूद रहे।
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Published on:
11 Sept 2019 06:17 pm
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