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जय गुरुदेव आश्रम के अध्यक्ष पंकज बाबा के खिलाफ FIR, हजारों करोड़ की संपत्ति हड़पने का आरोप

-थाना हाईवे मथुरा में कुल 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई -चरन सिंह ने कहा- रामप्रताप को 2012 में संस्था से निकाला जा चुका है

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Jai gurudev mandir

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मथुरा। बाबा जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ ट्रस्टी बताने वाले रामप्रताप ने जय गुरुदेव आश्रम के अध्यक्ष पंकज बाबा सहित 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में पंकज बाबा पर जयगुरुदेव आश्रम की हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। पंकज बाबा के सामने यह नई मुसीबत है।

फर्जी वसीयत का आरोप

ब्रिगेडियर घासीराम नगर, नदिया फार्म, मथुरा गेट, भरतपुर (राजस्थान) के रहने वाले रामप्रताप ने थाना हाईवे में पंकज बाबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में गया है कि संत तुलसीदास उर्फ बाबा जय गुरुदेव के निधन के बाद उनके ड्राइवर पंकज यादव ने अपने भाई नीरज यादव पुत्र चरन सिंह यादव समेत कई लोगों ने फर्जी वसीयत बनवाकर बाबा जयगुरुदेव आश्रम व उससे जुड़ी हजारों करोड़ की संपत्तियों को हड़प लिया।

बैंक अधिकारियों पर भी आरोप
आरोप है कि पंकज यादव के चाचा हरदयाल यादव उर्फ वीर सिंह यादव निवासी भरथना, इटावा ने संस्था की जमीन व सपंत्तियों को धोखाधड़ी के इरादे से हड़पा है। पंकज यादव ने फर्जी वसीयत पर खुद को जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व जयगुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट का अध्यक्ष बताते हुए विभिन्न बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ षड्यंत्र किया। रिपोर्ट के मुताबिक, संस्था व ट्रस्ट के खातों से भारी धनराशि निकाली जा रही है। संस्था व ट्रस्ट की संपत्तियों को भी गैरकानूनी ढंग से स्वयं के फायदे के लिए खुर्द-बुर्द किया जा रहा है।

पंकज बाबा के अलावा इनके नाम

रिपोर्ट में पंकज बाबा के अलावा नीरज यादव, चरन सिंह (पंकज बाबा के पिता), आशा देवी, रामकृष्ण, विजय प्रकाश, मुन्नाभाई पटेल, संतराम, अरुण, फूलकुमार, हरदयाल, दिनेश के नाम भी हैं। ये सभी जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में रहते हैं। इन पर आश्रम की जमीन भी खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाया गया है।

क्या कहना है कि चरन सिंह का

इस बारे में पंकज बाबा के पिता चरन सिंह का कहना है कि 2012 में संस्था के उपाध्यक्ष रामप्रताप और उनका बेटा यशु संस्था के जरूरी दस्तावेज लेकर भाग गए थे। इनके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद प्रबंध समिति ने रामप्रताप को 2012 में निष्कासित कर दिया गया। बाबा जय गुरुदेव ने संस्था की जमीन रामप्रताप की पत्नी के नाम कराई थी। बाद में बाबा जय गुरुदेव ने रामप्रताप से कहा कि पत्नी के नाम की गई जमीन को संस्था के नाम कर दें, लेकिन ऐसा नहीं किया। इसके बाद बाबा जय गुरुदेव का स्वर्गवास हो गया। इसका मुकदमा सिविल कोर्ट में चल रहा है। इसी कारण राम प्रताप ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।

क्या कहना है पुलिस का

इस बारे में हाईवे थाने के प्रभारी निरीक्षक जगदम्बा सिंह का कहना है कि पंकज बाबा समेत 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।