
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज के जन्म कानपुर के आखरी गांव में हुआ था। उनके बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडेय था। प्रेमानंद महाराज बचपन से ही भक्ति के मार्ग पर लगे रहते थे। प्रेमानंद महाराज 9वीं में पढ़ते थे तब उन्होंने सन्यास ले लिया।
कुछ तस्वीरें प्रेमानंद महाराज के गांव और उनके पैतृक घर की फोटो वायरल हो रही है। दावा है कि फोटो प्रेमानंद महाराज के गांव की है। प्रेमानंद महाराज के पैतृक गांव से उनके घर जाने का रास्ता कच्ची है। उनके घर का रंग भी पीला है। उनके घर का नाम ‘राधा वाटिका’ है।
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प्रेमानंद महाराज (Premanad Maharaj ) 13 साल की उम्र में अपना घर छोड़ा। घर छोड़ने के बाद वाराणसी पहुंचे। वहां भिक्षा मांगकर खाना खाते थे। कई बार खाना नहीं मिला तो गंगाजल ही पीकर प्रेमानंद महाराज रहते थे। इसके बाद प्रेमानंद महाराज मथुरा (Mathura) चले गए। वृंदावन (Vrindavan) में राधा रानी का भजन करने लगे। बताया जाता है प्रेमानंद महाराज घर छोड़ने के बाद दोबारा अपने घर नहीं गए।
Published on:
15 Feb 2024 06:26 pm
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