शरदपूर्णिमाः ब्रज में बरसा अमृत, श्रद्धालुओं के दबाव में बिखरीं व्यवस्थाएं

 

-मंदिरों में उमडी श्रद्धालुओं की भीड़
-मथुरा स्टेशन पर यात्रियों का हंगामा

मथुरा। शरदपूर्णिमा पर ब्रज में श्रद्धारूपी अमृत की बरसात हुई। श्रद्धालुओं का रैला हर ओर दिखाई दे रहा था। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड के दबाव में कई बार व्यवस्थाएं चरमराती दिखीं। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में कोच कम होने पर और ट्रेन के अंदर जगह नहीं मिलने पर यात्रियों ने हंगामा काटा। ठा. बांके बिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव का उल्लास सुबह से ही छाया है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा कर ठा. बांके बिहारी लाल के विशेष दर्शन कर आनंद भी लिया। रविवार को सुबह से ही तीर्थनगरी में राधे राधे नाम की गूंज हर ओरगूंज रहे थे। हजारों भक्त ब्रह्म मुहूर्त से ही पंचकोसीय परिक्रमा को निकल पडे। शरद पूर्णिमा पर मंदिर को सफेद वस्त्रों से सजाया गया था। धवल वस्त्र पोशाक में ठा. बांके बिहारी मोर-मुकुट, कटि-काछनी में अधरों पर मुरली भी धारण किए दर्शन दे रहे हैं। शरद पूर्णिमा के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास किया था। उसी दौरान श्रीकृष्ण ने बांसुरी भी बजाई, जिसकी गूंज देवलोक तक पहुंची। इसी भाव से ठा. बांके बिहारी को इस दिन बांसुरी धारण कराई जाती है। पंचकोसीय परिक्रमा में सुबह से ही भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा।कृष्णकृपा धाम में चल रहे शरदोत्सव में रविवार की भोर महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में देश दुनिया से आए हजारों भक्त पंचकोसीय परिक्रमा करने निकले। परिक्रमार्थियों के आगे भक्त सोहनी सेवा करते चल रहे थे।

चन्द्र सरोवर पर 5100 दीप झिलमिलाए
शरद पूर्णिमा पर चन्द्र सरोवर में 5100 दीप प्रज्वलित किये गये। सरोवर की लहरों पर दीप सजते ही लहरें अपने सौंदर्य पर इठलाने लगेंगी। सुबह से ही भक्तों का रुख गोवर्धन की तरफ है। गिरिराजजी पर सुबह से शुरू हुआ दुग्धाभिषेक थमने का नाम नहीं ले रहा। जयकारों के साथ गोवर्धन परिक्रमा में मानव माला बन रही है। प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर, मुकुट मुखारविंद मंदिर, जतीपुरा मुखारविंद मंदिर पर विशेष रोशनी के प्रबंध किए गए हैं। चांदनी रात में मंदिरों में खीर वितरण की तैयारी चल रही है।

जंक्शन रेलवे स्टेशन पर काटा यात्रियों ने हंगामा
मथुरा से जयपुर जा रही ट्रेन पर यात्रियों ने हंगामा काटा। करीब एक घंटे ट्रेन लेट हो गई। दरअसल मथुरा से जयपुर जाने वाली ट्रेन में 13 कोच होते हैं, जबकि आज सिर्फ 6 कोच थे। शरद पूर्णिमा उत्सव होने के कारण बेतादाद श्रद्धालुओं का आवागमन बना हुआ है। कोच कम होने के कारण श्रद्धालुओं ने जमकर हंगामा काटा और इंजन पर बैठ गए जिससे ट्रेन करीब एक घंटा लेट हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी और गोवर्धन पुलिस ने यात्रियों को समझा बुझाकर उतारा तब ट्रेन रवाना हुई। स्टेशन मास्टर राहुल पचैरी के अनुसार ट्रेन में कोच कम होने और यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण यात्री आक्रोशित हो गए थे। करीब एक दर्जन यात्रियों ने टिकिट वापसी की है।

Show More
अमित शर्मा
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned