
मथुरा। नवरात्र शुरू हो गए हैं, ऐसे में देवी की उपासना, व्रत, पूजा-पाठ और दुर्गा सप्तशती पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्र के नौ दिनों में देवी के नौ अलग-अलग रूपों की भक्त माता की आराधना और प्रत्येक दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विधान बनाया गया है।
ये है मान्यता
नवरात्र में विशेष फल की प्राप्ति और मां को प्रसन्न करने के लिए नियम के अनुसार ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ माना जाता है तो आइए जानते हैं पंडित गिरधारी लाल शर्मा से इस नवरात्र दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। पंडित गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि नवरात्र में दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले और बाद में नर्वाण मंत्र ''ओं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाये विच्चे'' का पाठ करना जरूरी होता है।
2- दुर्गा सप्तशती का पाठ संस्कृत भाषा में कठिन होता है तो आप इसे हिन्दी में भी कर सकते हैं।
3- दुर्गा सप्तशती का पाठ करते समय मन को शान्त और स्थिर अवस्था में करना चाहिए और पाठ करते समय मंत्रों का उच्चारण सही होना चाहिए।
4- दुर्गा सप्तशती के पाठ के बाद क्षमा प्रार्थना जरूर करना जरुरी है।
5- नवरात्र के हर दिन मां दुर्गा की पूजा करने से पहले भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जानी चाहिए और इसी के साथ अगर आपने घर पर कलश स्थापना की है तो पहले कलश की पूजा करनी चाहिए और इसके बाद देवी की पूजा करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुरू करें।
6- दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से पहले पुस्तक को लाल कपड़े पर रखें और उस पर अक्षत और फूल समर्पित करें।
7- ध्यान रहे दुर्गा सप्तशती के पाठ को करने से पहले इसका शापोद्धार करना चाहिए क्योंकि दुर्गा सप्तशती का हर मंत्र, ब्रह्मा, वशिष्ठ और विश्वामित्र जी द्वारा शापित किया गया है।
Published on:
30 Sept 2019 05:30 am
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