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वितरण कंपनियों के वित्त विभागों की होगी स्पेशल ऑडिट

- ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने दिए निर्देश, विजिलेंस भी होगी शामिल - संविदाकर्मियों के समस्त देयों का दीपावली पूर्व भुगतान करने के निर्देश - गलत रीडिंग और बिल पर एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश - सभी सरकारी भवनों में लगेंगे स्मार्ट कम प्रीपेड मीटर

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मथुरा

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Amit Sharma

Oct 16, 2019

वितरण कंपनियों के वित्त विभागों की होगी स्पेशल ऑडिट

वितरण कंपनियों के वित्त विभागों की होगी स्पेशल ऑडिट

मथुरा। ऊर्जामंत्री श्रीकान्त शर्मा ने प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों के वित्त विभागों की स्पेशल ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए हैं। स्पेशल ऑडिट यूपीपीसीएल के स्तर से होगी इसमें विजिलेंस विंग के भी अधिकारी शामिल किए जाएंगे। यदि कहीं भी गड़बड़ी मिली तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह निर्देश बुधवार को शक्तिभवन में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मुहैया कराए जाने के सरकार के प्रयासों की समीक्षा के दौरान दिए। फोन पर बात के दौरान ऊर्जामंत्री ने जानकारी दी कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों द्वारा भेजी गई भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों को संज्ञान लेकर जांच कराई जा रही है। विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।

संविदाकर्मियों को समय पर भुगतान
ऊर्जामंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि संविदाकर्मियों को समय से निर्धारित मानदेय देने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उनके सभी लंबित भुगतानों को दीपावली से पूर्व सुनिश्चित किये जायें। साथ ही ऐसे मामलों में लापरवाही करने पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को भी कहा।

फर्जी रीडिंग की शिकायतों पर एक्शन

बिलिंग एजेंसियों के कार्यों की समीक्षा के दौरान कई स्थानों पर गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए। कहा कि जहां भी फर्जी रीडिंग की शिकायतें हैं वहां मीटर रीडरों और एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। सरकार उपभोक्ताओं के लिए काम कर रही है, उपभोक्ता हितों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

सभी सरकारी भवनों में स्मार्ट कम प्रीपेड मीटर
ऊर्जामंत्री ने नवंबर के पहले सप्ताह से अभियान चलाकर सभी सरकारी भवनों में स्मार्ट कम प्रीपेड मीटर लगाए जाने के निर्देश दिए साथ ही सभी महानगरों में स्मार्ट मीटरिंग का काम तीव्र गति से कराए जाने को भी कहा।
कहा कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त और निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित हो, सभी को समय से सही बिल मिले, उपकेंद्र आधारित व्यवस्था फिर से बहाल हो इसके लिए वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशकों व निदेशकों द्वारा नियमित एक उपकेंद्र का भौतिक निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।

गांव का फीडर होगा अलग
ऊर्जामंत्री ने कहा कि प्रदेश के उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए सबसे जरूरी कदम है। सरकार गांवों को भी 24 घंटे बिजली देना चाहती है। इसमें लाइन लॉस व चोरी बाधा है, हम इसे कम करने के लिए ग्राम पंचायतों व ग्रामीणों का सहयोग लेंगे। जिन गांवों में लाइन लॉस 15% से कम होगा वहां सरकार 24 घंटे सप्लाई सुनिश्चित करेगी। गांव का फीडर भी अलग होगा।

लाइन लॉस करने होंगे कम
इसके लिए विद्युत् वितरण कंपनियों को अपने लाइन लॉस कम करने होंगे और ग्रेडिंग में सुधार के लिए जरूरी कार्यों की समय से चरणबद्ध ढंग से पूरा करना होगा। उन्होंने सभी प्रबंध निदेशकों को निर्देशित किया कि लाइन लॉस को सिंगल डिजिट में ले आने के लिए बिलिंग गुणवत्ता सुधारने, सही समय पर बिल जारी करने, ग्रामीण क्षेत्रों में कैम्प लगाने, 100%मीटरिंग, एबी केबलिंग, फीडर सेपरेशन के काम समय से पूरे किये जायें।

स्वतंत्रता लेकिन स्वच्छंदता नहीं
ऊर्जामं6 ने कहा कि सरकार ने सभी को काम करने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन स्वच्छंदता किसी को नहीं है। भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेन्स की नीति है, लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।