25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्व का बड़ा बयान विदेशी आक्रांता के नाम पर बाबरी मस्जिद बनाई गई तो हिंदू 1992 दोहराएगा

मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि से लेकर बाबरी मस्जिद तक, धीरेंद्र शास्त्री के नए नारे और 1992 दोहराने वाले बयान ने सियासी-धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी। जानिए पूरा...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मथुरा

•

image

Mahendra Tiwari

•

Updated: 20 Dec 2025, 8:18 PM IST

धीरेंद्र शास्त्री फोटो सोर्स Insta अकाउंट

धीरेंद्र शास्त्री फोटो सोर्स Insta अकाउंट

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद से जुड़े मुद्दों पर एक बार फिर बयान देकर हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने नए नारे, प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रम और 1992 की घटना का जिक्र करते हुए तीखी बातें कहीं।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नया नारा देते हुए कहा, “कृष्ण लला आएंगे, माखन-मिश्री खाएंगे।” साथ ही यह भी बताया कि वह जल्द ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने जाएंगे। हालांकि, इस कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं की गई है।

देश में दोबारा बाबरी मस्जिद बनाने की बात दुर्भाग्यपूर्ण

धीरेंद्र शास्त्री इससे पहले नवंबर महीने में दिल्ली और हरियाणा से होते हुए मथुरा तक पदयात्रा भी कर चुके हैं। उनके बयानों को लेकर एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर बाबरी मस्जिद के निर्माण की कोशिशों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर देश में दोबारा बाबरी मस्जिद बनाने की बात होती है। तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। साथ ही उन्होंने 1992 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी कोशिशों के खिलाफ हिंदू समाज तैयार है।

अब बंगाल में बाबरी मस्जिद की बात हो रही

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बाबरी मस्जिद का मुद्दा हिंदुओं की आस्था से जुड़ा रहा है। इसे वह विदेशी आक्रांताओं की साजिश बताते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर देश में माहौल खराब करना चाहते हैं। उनका कहना था कि जब अयोध्या में राम मंदिर बना तो कुछ लोग उस पर सवाल उठा रहे थे। अब बंगाल में बाबरी मस्जिद की बात हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बाबरी मस्जिद को लेकर कोई कदम उठाया गया तो वह खुद बंगाल जाएंगे। उनके शब्दों में, “बाबरी बनी तो बाबा आएगा।”

6 दिसंबर 1992 को राम मंदिर आंदोलन अपने चरम पर था

गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचे को गिरा दिया गया था। उस समय राम मंदिर आंदोलन अपने चरम पर था। लाखों कारसेवक अयोध्या पहुंचे थे। इस घटना के बाद देश की राजनीति और सामाजिक माहौल पर इसका गहरा असर पड़ा था।

बड़ी खबरें

View All

मथुरा

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग