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वृंदावन कुंभ : साधु-संत पीएंगे गंगाजल, यमुना जल में करेंगे स्नान, पूजा के लिए बनेंगे पांच घाट

- कोविड-19 के नियमों का प्राथमिकता के मद्देनजर किया जाएगा पालन - वृंदावन के संतों के साथ जल्द बैठक करेंगे प्रशासनिक अधिकारी

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मथुरा

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Neeraj Patel

Dec 21, 2020

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मथुरा. वृंदावन में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों को पीने के लिए गंगाजल मिलेगा और स्नान यमुना में करेंगे। गंगाजल (Gangajal) को संतों तक पहुंचाने लिए 13 किलोमीटर की पाइप लाइन बिछाई जा रही है, जबकि स्नान पांच घाटों पर होगा, जिनमें एक घाट तैयार है और चार घाट बनाए जाएंगे। प्रयागराज में माघ मेले की तैयारियां देखकर मथुरा के अधिकारियों की टीम लौट आई है। अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 के नियमों का पालन कुंभ में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। वहीं संतों के साथ भी अधिकारी जल्द ही बैठक करेंगे।

वृंदावन कुंभ मेला के मेलाधिकारी एवं ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मथुुरा से नगर निगम, विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, अग्निशमन विभाग के अधिकारी प्रयागराज गए थे। शनिवार को देर रात सभी अधिकारी लौट आए। उन्होंने बताया कि माघ मेले की तैयारियों में कोविड-19 की गाइडलाइन का प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग, सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा।

इसके साथ ही सामूहिक पूजा-पाठ, सामूहिक भोजन और स्नान के समय खास ध्यान रखा जाएगा। खासकर पेयजल की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया है। यहां पीने के लिए गंगाजल का इंतजाम किया गया है। गोकुल बैराज से पाइप लाइन बिछाकर गंगाजल मेला स्थल तक लाया गया है। स्नान के लिए एक घाट पहले ही तैयार है, चार घाट और बनाए जाएंगे, जिससे स्नान के लिए पर्याप्त स्थान रहे। घाट निर्माण का काम चल रहा है।

वृंदावन के संतों के साथ जल्द होगी बैठक

मेलाधिकारी ने बताया कि वृंदावन के संतों के साथ जल्द बैठक की जाएगी, जिसमें माघ मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में वार्ता होगी। जिला अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के टेंट में नौ के स्थान पर छह पुलिसकर्मियों के रुकने की व्यवस्था की गई है, जिससे कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन किया जा सके।

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