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भइया नहीं तो क्या हुआ, कन्हैया है मेरा

रक्षाबंधन का त्योहार 26 अगस्त को है, ऐसे में मथुरा के बांके बिहारी के पास देश और विदेश से तमाम राखियां आनी शुरू हो गई हैं।

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banke bihari

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मथुरा। भाई बहनों के अटूट रिश्ते का त्योहार रक्षा बंधन 26 अगस्त को है। ऐसे में जिन बहनों के भाई नहीं हैं या जो महिलाएं अपने त्योहार की शुरुआत अपने आराध्य से करती हैं, वे बांके बिहारी जी को राखी भेज रही हैं। मंदिर के सेवायत प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी के मुताबिक अब तक बांके बिहारी के पास देश और विदेश से उनकी तमाम बहनों की ढेरों राखियां आ चुकी हैं।

कनाडा रहने वाली बहन ने लिखा पत्र
ठाकुर जी की एक अनन्य भक्त समृद्धि जो कनाडा में रहती हैं, उन्होंने राखी के साथ ठाकुर जी को एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने लिखा है कि मैंने आत्मा से तुम्हे अपना भाई माना है। मेरी राखी स्वीकार कीजिए और मेरी रक्षा का वचन दीजिए। मैं स्वयं तो वहां नहीं आ पा रही हूं लेकिन राखी के माध्यम से अपना प्यार भेज रही हूं। भइया नहीं तो क्या हुआ, कन्हैया है मेरा।

रक्षाबंधन के दिन ठाकुरजी को समर्पित की जाती हैं राखियां
वहीं दिल्ली की सान्वी ने राखी भेजकर बांके बिहारी से अपने परिवार के लिए आशीर्वाद मांगा है। मंदिर प्रबंधन के उप व्यवस्थापक मोहनलाल गौतम ने बताया कि हर साल रक्षाबंधन से पहले भारत के तमाम शहरों से ठाकुर जी के लिए राखियां आती हैं। इसके अलावा अमेरिका, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, लंदन आदि तमाम देशों से भी लोग प्रभू के लिए राखी भेजते हैं। राखी के लिफाफे में राखियों के अलावा, रोली, चावल भी होते हैं। कुछ लिफाफों में तो टॉफी, चॉकलेट, पत्र और बहनों के अन्य संदेश आदि भी होते हैं। कई बहनें रक्षा बंधन के गिफ्ट के रूप में ठाकुर जी से कामनाएं करती हैं। रक्षा बंधन के दिन ये सभी राखियां ठाकुर जी को समर्पित की जाती हैं।

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