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श्राइन बोर्ड गठन के बाद सुधरेगी गोवर्धन के मंदिरों की दशा, जानिए जनता की प्रतिक्रिया

यूपी सरकार ने गोवर्धन के दानघाटी मंदिर, मानसी गंगा मंदिर और मुकुट मुखारबिंद मंदिर जतीपुरा को अधिग्रहीत करने का फैसला लिया है।

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मथुरा

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Amit Sharma

Jan 10, 2018

मथुरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्राइन बोर्ड का गठन कर गोवर्धन के तीन मंदिरों को अधिग्रहीत किए जाने का एलान किया है। श्राइन बोर्ड के गठन की रूपरेखा ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड तैयार कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर मथुरा-वृंदावन की जनता ने खुशी जाहिर की है।

पिछले करीब पांच सालों में मथुरा की धार्मिक महत्ता बहुत तेजी से बढ़ी है और इसी का परिणाम है कि यहां साल दर साल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा। केवल देश से ही नहीं बल्कि विदेशों के आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के वृन्दावन और बरसाना को तीर्थस्थल घोषित भी कर दिया। दिनों दिन यहां बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए अब सरकार यहां के प्रमुख मंदिरों का श्राइन बोर्ड का अधिग्रहण करने की तैयारी में है। इसी क्रम में सरकार गोवर्धन में श्राइन बोर्ड तीन प्रमुख मंदिरों का अधिग्रहण करने की कार्रवाई में जुट गई है। श्राइन बोर्ड की मंशा यहां के मंदिरों का अधिग्रहण करने के साथ ही यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराना और गोवर्धन पर्वत के चारों ओर सौंदर्यीकरण करना है।

बता दें कि गोवर्धन में पांच दिनों तक चलने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान भी यहां बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं और गिरिराज जी की सात कोस की परिक्रमा करते हैं। इसके अलावा यहां परिक्रमा के लिए प्रतिदिन देश के विभिन्न प्रान्तों से श्रद्धालु यहां आते हैं। अब प्रदेश की योगी सरकार गोवर्धन के मंदिरों को अधिग्रहित कर श्राइन बोर्ड का गठन कर यहां के विकास की रुपरेखा तैयार करने जा रही है। परिक्रमा मार्ग के सौदर्यीकरण और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर यहां के प्रमुख मंदिरो को श्राइन बोर्ड के अधीन कर यहां आने वाले चढ़ावे से धार्मिकस्थल के अन्य आवश्यक कार्यों में इस्तेमाल करने की योजना है। गौरतलब है कि पूर्व की सपा सरकार ने वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर के अधिग्रहण की रुपरेखा बनाई थी लेकिन मंदिर के सेवायतों के साथ ही पंडा समाज और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया था जिसके बाद सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था। अब गोवर्धन में श्राइन बोर्ड के गठन को लेकर लोग सरकार के इस निर्णय को कितना पसंद करते हैं देखना होगा। हालांकि स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि सरकार का यह कदम सराहनीय है। निश्चित तौर पर गोवर्धन का विकास होगा।