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VIDEO वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने आरक्षण पर दिया बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

प्रवीण तोगड़िया द्वारा नया संगठन बनाने पर कहा कि अगर वह विहिप के खिलाफ कोई संगठन खड़ा कर रहे हैं तब हम सोचेंगे कि हमको क्या बोलना है।

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मथुरा

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Amit Sharma

Jun 12, 2018

Vishnu Sadashiv Kokje

जब तक असमानता खत्म नहीं होती आरक्षण व्यवस्था जरूरी है: विहिप

मथुरा। दो दिवसीय धार्मिक यात्रा पर वृन्दावन आये विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे मंगलवार को मीडिया से रूबरू हुए। स्थानीय एक आश्रम में आयोजित पत्रकारवार्ता में कोकजे ने कहा कि उनको भरोसा है कि राम मंदिर पर कोर्ट से छह महीने में फैसला आ जायेगा, इसके साथ ही उन्होंने आरक्षण, एएमयू जिन्ना विवाद और प्रवीण तोगड़िया के नए संगठन पर भी बयान दिया।

बिना भेदभाव के काम कर रहे

मीडिया से रूबरू होते हुए विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि विश्व में भारतीय समाज ही है जहां हजार साल की गुलामी मे बाद भी 85 प्रतिशत लोग अपनी सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़े हैं। 50-60 साल में हिंदू समाज में बहुत परिर्वतन आया है। अब हम 50 साल वाला समाज नहीं रह गये हैं। हम कोई भेदभाव नहीं मानते। आरएसएस 1925 से आज बिना भेदभाव के काम कर रहा है। यह कोई राजनीति की बात या वोट पॉलिटिक्स की बात नहीं है। कभी भी जातिगत आधार पर भेदभाव नहीं हुआ, हिंदू धर्म के एक संगठन के रूप में आरएसएस आज तक चला आ रहा है, विश्व हिंदू परिषद भी वही काम कर रहा है।

असमानता खत्म होने तक आरक्षण

आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि असमानता के कारण कुछ लोग अक्षम रह जाते हैं, आरक्षण के माध्यम से अक्षम व्यक्ति को संरक्षण देते हैं। आरक्षण तो महिलाओं के लिए भी किया गया, लड़कियों के लिए स्कूलों में एडमिशन के लिए आरक्षण दिया गया। लड़कियां आज लड़कों से भी अच्छा कर रही हैं। इसी तरह दलितों के बच्चे भी अच्छा करने लगेंगे, लोग आरक्षण को भूल जाएंगे। जब ये बच्चे खुद मैरिट में आने लगेंगे आरक्षण खुद खत्म हो जाएगा। यह संवैधानिक व्यवस्था है और जब तक असमानता खत्म नहीं हो जाती यह व्यवस्था रखनी पड़ेगी।

जिन्ना ने हमेशां कहा कि मुझे विभाजन करना है

विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि इस देश में रावण की पूजा करने वाले भी मिल जाएंगे, जिन्ना के मुद्दे को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए। यह बातें भटकाने वाली हैं। एएमयू को यह खुद तय करना है कि उन्हें किसे तवज्जो देनी है। जिन्ना ने हमेशा कहा कि मुझे विभाजन करना है, ऐसे लोगों की वकालत करने वालों को खुद सोचना चाहिए।

मतभेद सुलझाने का प्रयास जारी

उन्होंने कहा कि वृंदावन में विहिप की सोच से सहमति रखने वाले संतों से विचार विमर्श के लिए यह प्रवास रखा है। राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि मूर्तियां बन रही हैं, खम्भे बन रहे हैं, जमीन पर मतभेद है, इसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। 15+16 हजार अभिलेखों जो उर्दू और फारसी में थे इन का अनुवाद भी प्रदेश सरकार ने कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियां लग जाने के बाद यह केस सुनवाई के लिए लग जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि संतों से आशीर्वाद ले रहा हूं। राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से छह महीने में निर्णय हो जाएगा। अयोध्या स्थित कार्यशाला में मन्दिर के सामान का निर्माण कार्य लगातार जारी है। वहीं प्रवीण भाई तोगड़िया द्वारा नया संगठन बनाने पर कहा कि अगर वह विहिप के खिलाफ कोई संगठन खड़ा कर रहे हैं तब हम सोचेंगे कि हमको क्या बोलना है।