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मथुरा। मथुरा लोकसभा सीट पर द्वितीय चरण में 18 अप्रैल, 2019 को मतदान हुआ। चुनाव अभियान के दौरान सभी राजनीतिक दलों के लिए किसान दुलारे थे। अन्नदाता थे। मतदान के तीन दिन बाद ही ये अन्नदाता राजनीति लोगों के लिए दुलारा नहीं रह गया है।
पुलिस ने रोके किसान, पीटा भी
शनिवार को कोटवन बॉर्डर पर सैकडों किसानों की पिटाई हुई। इन किसानों कसूर इतना था कि अपनी फसल का अच्छा मूल्य लेने के लिए अपने अनाज को पड़ोसी राज्य हरियाणा की मंडी में बेचने जा रहे थे। बॉर्डर पर करीब 100 ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रोक लिया गया। किसानों ने जब विरोध किया तो पुलिस ने हड़का दिया। कई किसानों को पीट दिया। इसके बाद भी कुछ किसान हरियाणा जाने के लिए अड़े रहे। बाकी वापस लौट गये।
200 रुपये का लाभ
कोटवन बॉर्डर पर किसानों के साथ यह स्थिति हर साल पैदा होती है। किसानों ने बताया कि हरियाणा में गेहूं की लेवी शुरू हो गई है। वहां 1840 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत मिल रही है., जबकि मथुरा में अभी 1650 रूपये प्रति क्विंटल पर खरीददारी की जा रही है। यूपी के किसान होडल की मंडी में इसीलिए अपना गेहूं बेचना चाहते हैं। मथुरा में जो भी क्रय केन्द्र काम कर रहे हैं, उन पर भी मनमानी हो रही है। कभी वारदाना नहीं होने तो कभी कर्मचारियों की कमी का बहना बना कर किसानों को टरकाया जा रहा है।
मथुरा में शुरू नहीं हुई लेवी
मथुरा में अभी गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। मंडी समिति में भी व्यवस्था ठीक नहीं है। बरसात होने पर गेहू भीग जाता है। मंडी समिति में पानी भर जाता है। किसान के गेहूं की बर्बादी की जिम्मेदारी खुद किसान की है। मौसम खराब है, ऐसे में किसान होडल मंडी में गेहूं को सुरक्षित और जल्दी बेचना चाहते हैं।
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Published on:
21 Apr 2019 08:54 am
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