
महिलाओं के फांसी घर के अंदर की तस्वीरें
आजादी के बाद से आज तक भारत में कभी किसी महिला को फांसी नहीं हुई है। जिसकी वजह से मथुरा का ये फांसी घर हमेशा बंद रहता है। इसकी हालत देख कर ही यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह काफी समय से बंद पड़ा है। मथुरा का ये फांसी घर अंग्रेजों से साल 1870 में बनवाया था। इस जेल को बने हुए 153 साल हो गए है।
400 मीटर का है फांसी घर का कंपाउंड
153 साल पहले अंग्रेजों ने मथुरा के फांसी घर को बनवाया था। फांसी घर के चारों तरफ चहारदीवारी है और बीच में वो तख्त है जहां पर व्यक्ति को खड़ा कराकर फांसी के लिए लटकाया जाता है। इस फांसी घर का कंपाउंड करीब 400 मीटर का है और चारों तरफ क्यारियां है जहां पर सब्जियां उगाई जाती है। जिस भी महिला को फांसी दी जाती है तो सबसे पहले उसे कुछ दिन तन्हाई में रखा जाता है। जिसके बाद उसे फांसी दी जाती है।
शबनम केस में हुआ था निरीक्षण
अमरोहा जिले की रहने वाली शबनम को फांसी की सजा सुनाई गई है। लेकिन अभी सजा के तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। दरअसल शबनम प्रेम विवाह करना चाहती थी लेकिन उसके घर वाले इस बात के खिलाफ थे। जिसके चलते शबनम ने अपने मां- बाप समेत 7 लोगों का खून कर दिया था। जिसके चलते शबनम को फांसी की सजा सुनाई गई है। तारीख अभी तक आई है। लेकिन सजा मिलने के बाद मथुरा जेल के फांसी घर का निरीक्षण किया गया। जिसके बाद कुछ तस्वीरें सामने आई है।
Published on:
14 May 2023 08:58 pm
बड़ी खबरें
View Allमथुरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
