27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mau News: न्यायालय में मंत्री ओमप्रकाश राजभर के वाहन प्रवेश पर बार एसोसिएशन के महामंत्री भड़के

मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपने सरकारी गाड़ी से न्यायालय के अंदर पहुंच गए। मंत्री की गाड़ी से न्यायालय में परिसर में जाम की स्थिति बनने पर बार एसोशिएशन के महामंत्री अजय सिंह ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गाड़ियों को बाहर कराए और सुरक्षा कर्मियों पर भड़क गए और उन्होंने कहा "कैसे मंत्री की गाड़ी अंदर प्रवेश की जबकि सख्त आदेश है कि बार काउंसिल के सदस्य और ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी ही अपने वाहन लेकर के परिसर में आ सकते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification

मऊ

image

Abhishek Singh

Aug 18, 2025

Mau news

ओमप्रकाश राजभर समाचार, Pc: पत्रिका

Omprakash Rajbhar: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर सोमवार को आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में अदालत में पेश हुए। मामला वर्ष 2019 लोकसभा का है, जब चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में थाना हलधरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था।

कैबिनेट मंत्री के वाहन प्रवेश पर बार एसोसिएशन के महामंत्री भड़के

मंत्री ओमप्रकाश राजभर अपने सरकारी गाड़ी से न्यायालय के अंदर पहुंच गए। मंत्री की गाड़ी से न्यायालय में परिसर में जाम की स्थिति बनने पर बार काउंसिल के महामंत्री अजय सिंह ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गाड़ियों को बाहर कराए और सुरक्षा कर्मियों पर भड़क गए और उन्होंने कहा "कैसे मंत्री की गाड़ी अंदर प्रवेश की जबकि सख्त आदेश है कि बार काउंसिल के सदस्य और ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी ही अपने वाहन लेकर के परिसर में आ सकते हैं। मंत्री अजय सिंह ने कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गाड़ियों को पार्किंग में भेजा।

वहीं गौर करने वाली बात यह है कि मंत्री ओमप्रकाश राजभर के काफिले को प्रवेश गेट पर पुलिस कर्मियों ने रोक दिया था लेकिन बाद में पुलिस स्कार्ट और मंत्री की सरकारी वाहन न्यायालय परिसर में पहुंचा।

2019 के चुनाव से जुड़ा मामला

गौतलब है की कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर 2019 के चुनाव में मऊ के हलधरपुर थाने में आचार संहिता का उल्लंघन का मुकदमा फर्ज हुआ था। जिसमें वारंट जारी होने पर ओम प्रकाश राजभर न्यायालय में जमानत के लिए पहुंचे। ओमप्रकाश ने बताया कि आचार संहिता उल्लंघन का मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें कोर्ट से नोटिस आने पर मैं न्यायालय पहुंचा हूं।