
Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से सामने आए यौन शोषण के एक गंभीर मामले ने अब कानून के साथ-साथ सियासत को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामला शांत होता दिख रहा था, लेकिन पीड़िता के घर पहुंचे कुछ भाजपा नेताओं के दबाव और उसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले के ज्यादा बढ़ने पर पुलिस ने पीड़िता से प्रार्थना पत्र लेते हुए इस मुकदमे में तीन लोगों के के ऊपर दबाव बनाने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पीड़िता के शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर सम्बन्धित धाराओं में शाम 05:30 बजे मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसमें भाजपा के जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह उर्फ पन्नू कन्हैया तिवारी और हिमांशु राय है।
मऊ जिले के थाना सराय लखंसी क्षेत्र अंतर्गत डूडा विभाग में तैनात रहे इंजीनियर अंकित सिंह पर अपनी पूर्व महिला सहकर्मी के यौन शोषण का आरोप लगा था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 जनवरी को मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था।
मामला यहीं थमता नजर आ रहा था, लेकिन तभी एक नया मोड़ सामने आया। आरोप है कि आरोपी के पक्ष में कुछ भाजपा नेता पीड़िता के घर पहुंचे और उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने लगे। पीड़िता ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी ने इसे मुद्दा बनाते हुए अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से तीखा हमला बोला। सपा की ओर से किए गए ट्वीट में लिखा गया—
“मुख्यमंत्री महोदय, अगर कोडीन या अन्य कोई नशा उतर गया हो तो कृपया इस घटना पर शर्म कर लीजिए।
क्या अब आपके भाजपा नेताओं को अपने रेप सेटलमेंट की ड्यूटी दे दी गई है?
कोई शर्म है या सब बेच खाए हैं भाजपाई?
रेपिस्टों के राज में यूपी को रेप स्टेट, सेटलमेंट स्टेट बना दिया है भाजपा सरकार ने…?”
इस ट्वीट के वायरल होते ही मऊ जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोग भी खुलकर पीड़िता के समर्थन में सामने आ रहे हैं और निष्पक्ष जांच व न्याय की मांग कर रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने एक तहरीर दिया है जिसके आधार पर इस मुकदमे में तीन लोगों पर दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज किया है जिस पर विवेचना के पश्चात वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह मामला कानून, सत्ता और नैतिकता के बीच एक बड़े सवाल के रूप में खड़ा हो गया है, क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा या दबाव की राजनीति उस पर भारी पड़ेगी?
Updated on:
26 Jan 2026 09:07 pm
Published on:
26 Jan 2026 08:44 pm
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