
मनोज राय
मऊ. बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सदर विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी मनोज राय ने गुरुवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। मनोज राय बसपा के कद्दावर नेताओं में से एक थे और काफी लंबे समय से पार्टी से जुड़े थे। बीजेपी में शामिल होने जा रहे मनोज राय पर पूर्व विधायक कपिलदेव यादव की हत्या का भी आरोप है और वह इस मामले में जेल भी जा चुके हैं।
कपिलदेव यादव की हत्या साल 2010 में उस समय कर दी गई थी जब वह अपने चालक देवनाथ यादव के साथ चचाईपार से पूजनोत्सव कार्यक्रम में शरीक होकर लौट रहे थे। असलहाधारी बदमाशों ने मझवारा बाजार के पास से गुजर रहे थे, तभी अपराधियों ने ताबड़तोड़ पिस्टल से फायरिंग कर कपिलदेव की हत्या कर दी थी जबकि देवनाथ को भी गोली मार दी थी। इस घटना में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कोपागंज मनोज राय, इंदुशेखर राय, अभय सिंह, अंजनी सिंह, जितेंद्र प्रताप त्रिपाठी, सूरज राय, सुबाष यादव, सुरेंद्र उर्फ झब्बू राय, मनीष राय को अभियुक्त बनाया गया था। बाद में इन्हें जेल भी भेजा गया था ।
मनोज राय का राजनीतिक सफर:
बसपा प्रत्याशी के राजनीतिक प्रोफाइल पर गौर करें तो मनोज राय सदर विधानसभा क्षेत्र के सहरोज गांव के निवासी हैं। एमए की शिक्षा ग्रहण कर उनकी राजनीतिक सफर, मजबूत पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि बहुत अच्छी रही हैं । मनोज राय के चाचा राजनाथ राय 24 वर्ष तक ब्लॉक प्रमुख रहे और पूर्व केन्द्रीय मंत्री व जिले के विकास पुरुष कल्पनाथ राय के सहयोगी के रुप में राजनीतिक सफर तय किया है ।
मनोज राय वर्ष 1994 में छात्रसंघ महामंत्री, वर्ष 2001 में ब्लॉक प्रमुख कोपागंज निर्वाचित हुए थे। साल 2002 में उन्होंने घोसी विधानसभा से चुनाव लड़ा था, मगर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2010 में वह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए और भाई को प्रमुख बनाया। वर्ष 2015 में दुबारा जिला पंचायत सदस्य चुने गये। मनोज लंबे समय से दोनों राजनीति कर रहे हैं और वह मनोज पूर्व विधायक हत्याकांड में जेल जा चुके हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में वह बसपा के घोषित प्रत्याशी थे, मगर बसपा ने इनका टिकट काटकर बाहुबली मुख्तार अंसारी को उम्मीदरवार बनाया था।
Published on:
09 Nov 2017 01:36 pm
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