
मऊ जिले में ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में कई शिक्षक संगठनों ने धरना और प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने जहां जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा तो वहीं उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ ने ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में बैठक करके अपना विरोध प्रकट किया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक संघ के अध्यक्ष रूपेश पांडेय ने कहा कि हम ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध नहीं करते परंतु उसके पहले सरकार को हमारी कुछ लंबित मांगे मान लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम ऑनलाइन हाजिरी देने के लिए तैयार हैं,परंतु इसमें आ रहीं व्यवहारिक दिक्कतों को दूर किया जाना चाहिए। इसके हमे राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही कैशलेस इलाज, 1 महीने का ईएल,पीएल और इसके अलावा आधे दिन का आकस्मिक अवकाश की भी सुविधा दी जानी चाहिए। यदि किसी अध्यापक के साथ कोई कैजुअलिट हो जाती है तो उसके लिए भी हमे सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।
वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष नित्य प्रकाश यादव ने कहा कि फेस डिटेक्शन से हाजिरी हमे मंजूर नहीं है। कोई भी हमें फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। ये हमारी निजता का उल्लंघन है। इसके अलावा राज्य कर्मचारी के दर्जे के साथ ही साथ हमे ओल्ड पेंशन की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।
Updated on:
08 Jul 2024 09:40 pm
Published on:
08 Jul 2024 09:32 pm
बड़ी खबरें
View Allमऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
