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मऊ में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का बड़ा बयान, खुद को बताया ‘बेहया नेता’

OMPRAKASH Rajbhar: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने बयान से एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मोहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र के कसारी गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने खुद को ‘बेहया नेता’ बताते हुए कहा कि वह […]

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मऊ

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Abhishek Singh

Apr 03, 2026

OMPRAKASH Rajbhar: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने बयान से एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मोहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र के कसारी गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने खुद को ‘बेहया नेता’ बताते हुए कहा कि वह किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।

उन्होंने मंच से कहा कि चाहे जिलाधिकारी (DM) से लड़ना पड़े या मुख्यमंत्री (CM) से, डीजीपी या प्रमुख सचिव से—वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनका नाम सुनते ही लोग काम कर देते हैं, क्योंकि सभी जानते हैं कि वह दबाव बनाने वाले नेता हैं और आसानी से मानने वाले नहीं हैं।

भाजपा को लेकर किया बड़ा दावा

राजभर ने यह भी साफ किया कि वह भाजपा सरकार में मंत्री जरूर हैं, लेकिन उनकी पार्टी एक सहयोगी दल है। उन्होंने कहा कि भाजपा और उनकी पार्टी अलग-अलग हैं, और यदि भाजपा दबाव बनाती है तो वे भी अपने तरीके से जवाब देते हैं।

उन्होंने प्रदेश के 75 जिलों में गरीबों के साथ अन्याय न होने देने की शपथ लेने की बात कही। साथ ही दावा किया कि असली राजनीतिक गठबंधन दलित और राजभर समाज का है। उनके मुताबिक, अगर पूर्वांचल में ये दोनों समुदाय एकजुट हो जाएं, तो अधिकांश सीटों पर जीत संभव है।

इस दौरान राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। दादरी में हुई गुर्जर रैली को लेकर उन्होंने कहा कि सपा जिस भीड़ का दावा कर रही है, वह स्थानीय नहीं बल्कि पूर्वांचल से लाई गई भीड़ थी। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर सपा को उतना समर्थन नहीं मिल रहा, जितना दिखाया जा रहा है।

सपा को लेकर किया बड़ा दावा

राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव न तो हिंदू राजनीति स्पष्ट रूप से कर पा रहे हैं और न ही अल्पसंख्यक राजनीति, जिससे उनकी स्थिति असमंजस वाली हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेता केवल टिकट और सत्ता के गणित में लगे हैं, जबकि सामाजिक न्याय के मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रहे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यादव और मुस्लिम मतदाताओं का रुझान भी अब भाजपा की ओर बढ़ रहा है। राजभर के अनुसार, एनडीए गठबंधन के सहयोगी दलों के पास मजबूत वोट बैंक है, जिसका फायदा आगामी चुनावों में भाजपा गठबंधन को मिलेगा।