
Mau News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के विरोध में मऊ वासियों ने मोमबत्ती जुलूस निकाल कर आतंक के खिलाफ अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इस 'सॉलिडेरिटी मार्च' में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी।
शहर के प्रमुख चौराहे से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया, जिसमें लोगों ने "आतंकवाद मुर्दाबाद", "शहीदों को नमन" और "भारत माता की जय" जैसे नारे लगाए। मार्च में शामिल लोगों ने कहा, "यह हमला न सिर्फ जम्मू-कश्मीर, बल्कि पूरे देश की आत्मा पर हमला है। हम इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।"
जनता ने कहा कि यह मार्च उन पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताने का एक प्रयास है, जो इस निर्मम हमले का शिकार हुए। लोगों ने भारत सरकार और सुरक्षा बलों पर भरोसा जताते हुए कहा कि पूरा देश आतंकवाद के खात्मे के लिए एकजुट है।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की मौत हो गई थी और 17 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'कश्मीर रेजिस्टेंस' ने ली है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इसके पीछे लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद का हाथ है।
इस दौरान कैंडल मार्च निकाल रही स्वर्ण व्यापारी नीलम सर्राफ ने कहा कि पहलगाम में हमारे हिंदू भाई मारे गए हैं नाम पूछकर धर्म पूछकर। उसके विरोध में हम उबल रहे हैं कैंडल नहीं आज हमारे हाथ में एटम बम रहता तो हम लोग पाकिस्तान को जला देते कोई कसर नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि एक-एक पाकिस्तानियों को चुन चुन कर मारेंगे। हमारे हिंदू भाइयों को मारा गया है किसी का भाई गया है तो किसी का सुहाग गया है। आतंकियों ने वहां धर्म के नाम पर लोगों को मारे हैं।
वही कैंडल मार्च निकाल रहा है डॉक्टर एक तिवारी ने बताया कि पूरा देश जो पहलगाम में घटना हुई है सभी मर्माहत हैं। आज मऊ की पूरी जनता सभी वर्ग के लोग सभी व्यवसाय के लोग जो लोग मरे हैं पहलगाम में उनको श्रद्धांजलि देने के लिए आज कैंडल मार्च निकाला गया है।
Published on:
24 Apr 2025 08:49 pm
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