
फौजी किशन लाल
जाति प्रमाण पत्र विवाद मामले को लेकर फौजी किशन लाल गोंड मऊ कलेक्ट पहुंचे. यहां पर उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात करके ज्ञापन दिया. इसमें कहा कि मेरा पहले से अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र जारी है। लेकिन इस समय किसी ने फर्जी तरीके से मेरा ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र बनवा दिया है
जिस मामले में मेरे ऊपर फर्जी तरीके से मुकदमा भी दर्ज हो गया है. इस मामले का जांच करवाकर जिलाधिकारी मुझे न्याय दें।
किशन लाल गोड़ ने बताया कि मेरे ऊपर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया। हमको परेशान करने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया। मेरे पास जाति प्रमाण पत्र है मैं अखिल भारतीय गोंड आदिवासी समाज का जिला अध्यक्ष भी हूं। लेकिन मैंने अपने पद का कोई दुरुपयोग नहीं किया। 2019 में मैं लोकसभा लड़ा था उसके बाद 2022 में विधानसभा लड़ा था। मेरा एसटी का जाति प्रमाण पत्र बना हुआ है। इसके बाद मेरा ओबीसी का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा दिया गया। अब मैं कंप्लेंट करता को कहां से ढूंढू। किस जन सेवा केंद्र से जारी हुआ है यह किसी को नहीं पता। इसी तरह हमारे समाज के जो गोंड जाति के लोग हैं उन्हें जबरदस्ती कहार कर दिए गया। जो कि तहसीलदार और लेखपाल को कोई पावर नहीं है कि वह किसी का जाति बदल दें।
किशन लाल गोंड ने बताया कि हम अपने समाज की लड़ाई लड़ते हैं। अभी कैबिनेट मंत्री एके शर्मा आए थे उनके द्वारा जाति प्रमाण पत्र अपने हाथों से जारी किए। जिससे सबको पता चल जाए की जाति प्रमाण पत्र जारी होना शुरु हो गया है। जब मैं घोसी तहसील में गया तो जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए टरकाते रहें। जब वहां जनता इकट्ठा हो गई तो दो जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ। मधुबन में अभी तक जारी नहीं हुआ । वहीं मोहम्मदाबाद गोहना और मऊ सदर में जारी हो रहा है। घोसी और मधुबन में जारी नहीं हो रहा है इससे हमारे समाज के बच्चों को काफी हानि हुआ। वह कोई भी फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। और मैं अपने समाज की लड़ाई लड़ता हूं । जिससे घबराकर मेरा ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा दिया गया जिसको लेकर आज हम डीएम को ज्ञापन दिए हैं।
Published on:
24 Jan 2024 02:40 pm
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