
गौ आश्रय स्थल में कमी देख अधिकारियों पर भड़के के डीएम,
मऊ जिलाधिकारी अरुण कुमार एकाएक नगर स्थित गौ आश्रय स्थल पहुंचे। तमसा नदी के किनारे स्थित गौशाला में कई अनियमितता मिली, जिसको लेकर के जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित कई कर्मचारियों को फटकार लगाई। साथ ही निर्देश दिया की जल्द से जल्द गौ आश्रय स्थल में सभी कमियां दूर किया जाए अन्यथा एक्शन लिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी ने ढेकुलिया घाट के समीप स्थित अस्थाई गो आश्रय स्थल नगर पालिका परिषद का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर लगभग 10 कुंतल भूसा मिला। इसके अलावा हरे चारे एवं चोकर की उपलब्धता नहीं मिली। स्टॉक रजिस्टर भी मौके पर नहीं मिला। गो आश्रय स्थल में कुल 90 गोवंश संरक्षित है, जिसमे कुछ गोवंश बेहद कमजोर एवं बीमार थे एवम् कुछ गोवंशों का ईयर टैगिंग भी नहीं किया गया था। गो आश्रय स्थल की साफ सफाई भी ठीक अवस्था में नहीं थी। जानवरों के मल मूत्र के निकासी हेतु उचित व्यवस्था न होने के कारण वहां गंदगी भी थी।
जिलाधिकारी ने गो आश्रय स्थल पर गोवंशों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में भूसे एवं हरे चारे की उपलब्धता न होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को उपभोग प्रमाण पत्र के अनुसार प्रेषित धनराशि के सापेक्ष भूसा, गुड़ एवम् चोकर की उपलब्धता का मिलान करते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निराश्रित गोवंशों के लंपी वायरस के टीकाकरण सहित अन्य टीकाकरणों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने कमजोर एवं बीमार पशुओं की प्रतिदिन जांच कर इलाज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कुछ पशुओं की ईयर टैगिंग नहीं होने पर उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकार को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल समस्त पशुओं के ईयर टैगिंग करने के निर्देश दिए। एक पशु की अत्यंत दयनीय स्थिति के कारण उन्होंने केयरटेकर को कड़ी फटकार लगाते हुए उसका विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट मांगी
पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं के स्वास्थ्य जांच कार्यों का रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा। गो आश्रय स्थल पर निर्धारित पशु संख्या से अधिक पशुओं की उपस्थिति के दृष्टिगत उन्होंने पास के खाली मैदान पर उनके रहने हेतु अस्थाई निर्माण करने के निर्देश अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को दिए। इसके अलावा पशुओं के मल मूत्र की बेहतर निकासी व्यवस्था हेतु समस्त आवश्यक कारवाईयां करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद को दिए गए। इस दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद दिनेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारिय एवम् कर्मचारी उपस्थित रहे।
Updated on:
12 Oct 2023 08:53 pm
Published on:
12 Oct 2023 07:14 pm
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