
गेंहू की फसल
इस ठंड भरे मौसम में बारिश के आसार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान फसलों में लगाने वाले पाले को लेकर चिंतित हैं। वहीं गेंहू के खेतों में उगते हुए खरपतवार भी किसानों को खासा परेशान करते हैं। पाले और खरपतवार से किसानों के फसलों की उपज कम हो जाती है, और उन्हें फसल बोने का लाभ नहीं मिल पाता। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी बहुत ज्यादा होता है। किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने और अच्छी पैदावार के लिए मऊ के कृषि अधिकारी सोमेश गुप्ता से इस मुद्दे पर बात हुई।
कृषि अधिकारी ने बताया कि पाले से बचने के लिए फसलों की सिंचाई कर देनी चाहिए। फसल बोने के 30 दिन बाद पहली सिंचाई अवश्य कर लेनी चाहिए। सिंचाई करने से फसलों पर पाले का असर नहीं होता। वहीं रबी की फसलों में दो तरह के खरपतवार पाए जाते हैं। चौड़ी पत्ती वाले खर पतवार जैसे बथुआ, खर बथुआ, हिरनखुरी, जंगली जई इत्यादि और पतली पत्ती वाले खर पतवार।
इस तरह नष्ट करें खर पतवार
चौड़ी पत्ती वाले खर पतवारों को नष्ट करने के लिए फसलों की सिंचाई करने के बाद 2,4-D नाम के खरपतवार नाशी का छिड़काव गेंहू की फसल में किया जाना चाहिए। 650 ग्राम 2,4-D को 500 लीटर पानी में घोल कर उसका छिड़काव करने से ये नष्ट हो जाते हैं।
वहीं गेंहू में पाए जाने वाले एक बहुत ही नुकसान दायक खर पतवार जिसे ' गेंहू का मामा ' या मंडूसी भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम फेलारिस माइनर भी है। यह गेंहू की फसल के लिए काफी नुकसान दायक होता है क्योंकि यह बिल्कुल गेंहू की ही तरह होता है। इसको नष्ट करने के लिए आइसोप्रोरट्रान की ढाई ml मात्रा को 1 लीटर पानी में घोल कर फसल में छिड़काव करना चाहिए। इससे ये पूरी तरह नष्ट हो जाता है।
Published on:
12 Jan 2024 11:53 am
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