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न्याय के लिए 12 साल से चक्कर काट रही हैं हुमैरा खातून 

पति की मौत के बाद उनके भाईयों ने उनकी सारी जायदाद को अपने कब्जे में कर लिया, इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहीं हैं हुमैरा खातून 

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Ahkhilesh Tripathi

Jul 20, 2016

women wandering for justice

women wandering for justice

मऊ. घोसी कोतवाली क्षेत्र के कस्बे में रहने वाली हुमैरा खातून न्याय पाने के लिए पिछले 12 वर्षो से थाना कचहरी और तहसील दिवसो पर चक्कर काट रही है लेकिन उनकी सुनने वाली है। बता दें कि हुमैरा के पति का इन्तकाल बीमारी के कारण 12 साल पहले हो गया था, जिसके बाद उनके पति के भाई ने उनकी सारी जायदाद को अपने कब्जे में कर लिया, और आज तक वापस नही किया।

हुमैरा खातून लगातार अधिकारियो के चौखट पर मत्था टेकती रही तो किसी तरह से उनका नाम सरकारी कागजातों पर उनका नाम तो आ गया लेकिन उनको आज तक उस पर कब्जा नही मिला।उनकी एक बेटी है, जिसको वो अपने साथ मे लेकर अधिकारियों से फरियाद करती नजर आती हैं।
सूबे की सरकार महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण देने के लिए लाख प्रयास करती हैं, जिसके लिए सभी सरकारी प्रतिष्ठान और बिल्डिगों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे हुए है और महिलाओं की सुरक्षा के दावे के बड़े- बडे स्लोगन लिखे हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला सुरक्षा और उनके हक को दिलाने मे पूरी तरह से फेल हैं।

तहसील दिवस पर हुमैरा अकेली महिला नही है जो इन्साफ के लिए चक्कर काट रही है, वहा पर दर्जनों महिलाए आई थी जो चक्कर काट रही है। रिजवाना खातून पिछले छ माह​ से अपने माता पिता के कातिल की गिरफ्तारी को लेकर चक्कर लगा रही है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। जिले के जिलाधिकारी ने कहा कि जो भी मामले तहसील दिवस पर आते है उनके निपटाने का पूरा प्रयास किया जाता है।

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